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लखनऊ : होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती का परिणाम लंबित अभ्यर्थियों का लखनऊ में प्रदर्शन

Munesh Kumar Shukla Mon, Feb 23, 2026

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित न होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मुख्य परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हुए करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी परिणाम जारी न होने पर 397 अभ्यर्थियों ने लखनऊ पहुंचकर प्रदर्शन किया और आयोग से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।अभ्यर्थियों के अनुसार, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट (प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2023) के अंतर्गत विज्ञापन संख्या-09/24 की मुख्य परीक्षा 2 फरवरी 2025 को आयोजित की गई थी। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन कराया गया, जो 26 सितंबर 2025 तक पूर्ण हो गया। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अंतिम चयन परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया है।सोमवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ के पिकअप भवन के सामने एकत्र हुए। उन्होंने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। पोस्टरों पर ‘हमारा हक दो’, ‘397 होम्योपैथिक फार्मासिस्ट रिजल्ट जल्द जारी करो’ और ‘विज्ञापन संख्या 09/2024 का अंतिम परिणाम शीघ्र घोषित करो’ जैसे नारे लिखे थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम में अनावश्यक देरी से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।प्रदर्शनकारियों ने आयोग के सचिव को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया कि पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परिणाम घोषित न होने से वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने अन्य रोजगार के अवसर इस भर्ती के भरोसे छोड़ दिए थे। उनका कहना है कि नियुक्ति में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति और पारिवारिक योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और मेहनत लगती है। ऐसे में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परिणाम लंबित रहना निराशाजनक है। उन्होंने आयोग से पारदर्शिता के साथ जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात आयोग के सचिव से कराई। सचिव ने आश्वासन दिया कि मार्च-अप्रैल के बीच अंतिम परिणाम जारी कर दिया जाएगा। आश्वासन के बाद अभ्यर्थी लौट गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में परिणाम जारी न होने पर वे आगे भी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग की आगामी घोषणा पर टिकी हैं।