लखनऊ : भूमि मुआवजा न देने पर लखनऊ विकास प्राधिकरण पर जुर्माना,रकम बढ़कर 27 लाख हुई
Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 24, 2026
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) पर भूमि मुआवजा न देने का मामला भारी पड़ गया। भूमि अर्जन से संबंधित एक पुराने मुकदमे में 1997 में कोर्ट ने दो लाख रुपये मुआवजे के साथ 15 प्रतिशत साधारण ब्याज देने का आदेश दिया था, लेकिन एलडीए अब तक रकम का भुगतान नहीं कर सका। इस कारण मुआवजा अब 27 लाख रुपये तक पहुंच गया है।भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा) की कोर्ट ने एलडीए के विहित पदाधिकारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। लारा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी हरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जुर्माना पूरी तरह से वसूल कर जमा कराया जाए। कोर्ट ने एलडीए को आदेश की प्रति भेजते हुए 13 मार्च तक मूल रकम प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।यह मामला उजरियांव गांव की आवासीय योजना से संबंधित है। कोर्ट में बताया गया कि प्राधिकरण द्वारा तय की गई धनराशि का भुगतान न करना गंभीर स्थिति पैदा करता है। एलडीए ने पहले इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन 3 मार्च 2020 को उसकी याचिका निरस्त कर दी गई थी।कोर्ट ने कहा कि देय धनराशि जमा न करना गंभीर और अनुचित है, और प्राधिकरण को अब तुरंत भुगतान करना होगा। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि एलडीए द्वारा लंबे समय तक मुआवजा अदा न करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर व्यक्तिगत हर्जाना भी लगाया जा सकता है।इस मामले में मुआवजा पाने वाली निर्मला सिंह के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने कड़ी कार्रवाई की है। अब एलडीए को कोर्ट के निर्देशानुसार मुआवजा और जुर्माना समयबद्ध तरीके से जमा करना अनिवार्य होगा।
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