नेपाल : नेपाल ने लिपुलेख मार्ग से कैलाश यात्रा पर जताई आपत्ति, भारत-चीन को दी जानकारी
Munesh Kumar Shukla Sun, May 3, 2026
नेपाल ने लिपुलेख दर्रे के जरिए प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। यह यात्रा भारत और चीन के सहयोग से आयोजित की जाने की योजना है, जिसे लेकर नेपाल ने अपनी असहमति जताते हुए कहा है कि संबंधित क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र में आता है।
नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति दोनों देशों को कूटनीतिक माध्यमों से अवगत करा दी है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मीडिया में सामने आई खबरों के बाद सरकार ने इस विषय पर संज्ञान लिया और अपनी चिंताओं को औपचारिक रूप से साझा किया।
नेपाल का कहना है कि वर्ष 1816 की सुगौली संधि के अनुसार महाकाली नदी के पूर्व स्थित लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र उसके अभिन्न हिस्से हैं। इसी आधार पर नेपाल ने लिपुलेख मार्ग से प्रस्तावित यात्रा का विरोध किया है।
सरकार ने भारत से आग्रह किया है कि विवादित क्षेत्र में सड़क निर्माण, सीमा व्यापार या तीर्थ यात्रा से जुड़ी कोई भी गतिविधि न की जाए। साथ ही, चीन को भी आधिकारिक रूप से सूचित किया गया है कि यह इलाका नेपाल के दावे के अंतर्गत आता है।
नेपाल ने यह भी कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है और सीमा विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का कहना है कि ऐतिहासिक संधियों, नक्शों और तथ्यों के आधार पर शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे का हल संभव है।
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