अमेरिकी नीति पर उठे सवाल : पाकिस्तान ने ईरान के लिए खोले बंदरगाह
Munesh Kumar Shukla Sun, May 3, 2026
क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान ने बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के लिए अपने सभी समुद्री बंदरगाह खोल दिए हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों और ब्लॉकेड के चलते जहां ईरान के अपने बंदरगाहों पर गतिविधियां प्रभावित हैं, वहीं पाकिस्तान के इस फैसले से ईरान को आयात-निर्यात में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस निर्णय के बाद ईरान अब अपने सामान का निर्यात और जरूरी वस्तुओं का आयात पाकिस्तानी बंदरगाहों के जरिए कर सकेगा। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसे सीधे तौर पर अमेरिका की मौजूदा नीति के विपरीत माना जा रहा है।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में ईरान पर लगाए गए ब्लॉकेड को “फ्रेंडली” बताया, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब उनसे पाकिस्तान द्वारा ईरान के लिए पहले से खोले गए जमीनी मार्ग का जिक्र किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम से अनजान नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान को यह कदम उठाने के लिए अमेरिकी प्रशासन की अप्रत्यक्ष सहमति मिल सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त रुख बनाए हुए है, लेकिन इस घटनाक्रम ने उसकी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तान पहले ही ईरान के लिए जमीनी रास्ते खोल चुका था और अब बंदरगाहों की सुविधा देने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की संभावना है, खासकर पेट्रोलियम और अन्य जरूरी वस्तुओं के व्यापार में।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय संतुलन की नीति अपना रहा है—एक ओर वह ईरान के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ अपने संबंधों को भी बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, अमेरिका की ओर से इस पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आने वाले समय में इस पर वैश्विक राजनीति में और हलचल देखने को मिल सकती है।
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