Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

20th June 2026

BREAKING NEWS

दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह

भारत को मिली बड़ी उपलब्धियां

सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई सख्ती

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को दी मंजूरी

अदाणी समूह का बड़ा लक्ष्य

ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से झटका : रिताब्रत बनर्जी फिलहाल बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष

Munesh Kumar Shukla Fri, Jun 19, 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी सत्ता संघर्ष अब न्यायिक मोड़ ले चुका है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए राज्य विधानसभा के स्पीकर द्वारा बागी तृणमूल कांग्रेस विधायक रिताब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत के इस निर्णय के बाद फिलहाल रिताब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे और विधानसभा में उनकी स्थिति यथावत बनी रहेगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा अध्यक्ष रथिन बसु ने रिताब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता प्रदान की। इस फैसले का तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने विरोध किया और इसे राजनीतिक तथा संवैधानिक रूप से गलत बताया। पार्टी का तर्क है कि रिताब्रत बनर्जी अब पार्टी की आधिकारिक लाइन का प्रतिनिधित्व नहीं करते, इसलिए उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां स्पीकर के निर्णय को चुनौती दी गई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई बाद में की जाएगी, लेकिन तब तक स्पीकर का निर्णय प्रभावी रहेगा। इस फैसले को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक पद का विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे विधानसभा के भीतर शक्ति संतुलन और राजनीतिक वैधता का प्रश्न भी जुड़ा हुआ है। विपक्षी दलों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि वह कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।

आने वाले दिनों में इस मामले की आगे की सुनवाई पर पूरे राज्य की नजरें रहेंगी। यदि अंतिम फैसला भी इसी दिशा में जाता है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में रिताब्रत बनर्जी की स्थिति सुरक्षित बनी हुई है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें