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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी : हरित रेलवे की दिशा में ऐतिहासिक कदम

Munesh Kumar Shukla Sat, Jul 18, 2026

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक रेल परिवहन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलेगी और इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। भारतीय रेलवे ने इस परियोजना को देश के हरित परिवहन मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन-पावर्ड पैसेंजर ट्रेनों में शामिल है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके जरिए हाइड्रोजन से बिजली पैदा होती है और उसी ऊर्जा से ट्रेन संचालित होती है। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन नहीं होता, बल्कि केवल जलवाष्प निकलती है। यही वजह है कि इसे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का भविष्य माना जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत केवल आधुनिक बुनियादी ढांचा ही नहीं बना रहा, बल्कि दुनिया को स्वच्छ और टिकाऊ तकनीक अपनाने का संदेश भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है और आने वाले वर्षों में देश के कई अन्य मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।

रेल मंत्रालय का कहना है कि इस परियोजना से डीजल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन आयात का खर्च घटेगा और कार्बन उत्सर्जन कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगी। साथ ही हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और संबंधित उद्योगों में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। भारतीय रेलवे की यह उपलब्धि देश के परिवहन इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।