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ISRO वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर सरकार ने लगाई रोक : गगनयान मिशन को प्राथमिकता

Munesh Kumar Shukla Sat, Jul 18, 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन को समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अंतरिक्ष विभाग ने इसरो के प्रमुख केंद्रों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गगनयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर कार्यरत वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के आवेदनों को फिलहाल स्वीकार न किया जाए। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब पिछले कुछ महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों द्वारा इस्तीफा या वीआरएस के लिए आवेदन दिए जाने की खबरें सामने आई थीं।

मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक ज्ञापन में विशेष रूप से ग्रुप 'ए' के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों का उल्लेख किया गया है। सरकार का मानना है कि गगनयान जैसे मिशनों में वर्षों का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की अचानक कमी से परियोजनाओं की समयसीमा और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए जब तक इन महत्वपूर्ण मिशनों का प्रमुख चरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक अनुभवी वैज्ञानिकों की सेवाएं बनाए रखना आवश्यक है।

गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी तकनीक से विकसित यान के जरिए अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके अलावा चंद्रयान, आदित्य-एल1 और भविष्य के अंतरिक्ष स्टेशनों जैसी परियोजनाओं में भी अनुभवी वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है।

हालांकि कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि केवल इस्तीफे रोकना पर्याप्त नहीं होगा। उनका मानना है कि वैज्ञानिकों के बढ़ते पलायन के पीछे वेतन, पदोन्नति, कार्यभार और निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर जैसे कारण भी हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह फैसला अल्पकालिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने में मदद करेगा, लेकिन लंबे समय में वैज्ञानिकों को बेहतर कार्य वातावरण, प्रतिस्पर्धी सुविधाएं और करियर विकास के अवसर उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी होगा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस दिशा में व्यापक नीति पर भी विचार किया जा रहा है।