विकसित गांव कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं से किया संवाद : सीमावर्ती गांवों के अनुभव सुने
Munesh Kumar Shukla Sun, Jul 26, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित विकसित गांव कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के 245 से अधिक जिलों से जुड़े 5,000 से ज्यादा युवा स्वयंसेवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों से जोड़ना तथा ग्रामीण विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था।
संवाद के दौरान कई युवा स्वयंसेवियों ने अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। हिमालयी क्षेत्र के रिकांग पिओ और सीमावर्ती गांवों की यात्रा करने वाली निकिता सोलंकी ने बताया कि माई भारत मंच के माध्यम से उन्हें देश के दूरस्थ इलाकों तक पहुंचने और वहां के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह अपनाया और बेटी जैसा सम्मान दिया। उनके अनुसार, इस यात्रा ने उन्हें ग्रामीण भारत की संस्कृति, जीवनशैली और चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने निकिता के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में सोलो ट्रैवलिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले यात्रा करना केवल नए स्थानों को देखने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को समझने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भले ही युवा इस यात्रा पर अकेले निकले हों, लेकिन माई भारत जैसे मंच ने उन्हें एक बड़े परिवार का हिस्सा बना दिया है। उन्होंने इसे देश की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और बदलते भारत की तस्वीर बताया।
कार्यक्रम के दौरान दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव का प्रतिनिधित्व कर रहे स्वयंसेवी दिव्यांशु जोशी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस पहल ने उन्हें सीमावर्ती गांवों की संस्कृति, वहां की जीवनशैली और स्थानीय लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत यूथ लीडर्स डायलॉग, युवा संसद और मेंटरशिप कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से अब तक 2.3 करोड़ से अधिक युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मिला है।
विज्ञापन