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23rd July 2026

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पेपर लीक मामलों के लिए बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट

हत्या की कोशिश समेत गंभीर धाराएं दर्ज

छात्रों के समर्थन में सरकार से संवाद की अपील

मुंबई पुलिस ने जांच के दिए आदेश

विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही बाधित

NEET पेपर लीक विवाद पर संसद में घमासान : विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही बाधित

Munesh Kumar Shukla Thu, Jul 23, 2026

23 जुलाई 2026 को संसद का मानसून सत्र पूरी तरह NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन की गूंज में डूबा रहा। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों, छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इससे साफ हो गया कि NEET विवाद अब केवल शिक्षा व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है। उनका कहना था कि उद्देश्य केवल राजनीतिक बहस करना नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी समाधान तैयार करना है जिससे भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों। सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारों पर काम चल रहा है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस मामले में नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक संसद में होने वाली चर्चा का कोई वास्तविक अर्थ नहीं होगा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही।

संसद परिसर में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। जवाब में सत्तापक्ष के सांसदों ने भी अलग प्रदर्शन कर सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी यह मुद्दा संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।

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