केरल : प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं केरल की स्वास्थ्य मंत्री
Wed, Feb 25, 2026
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज शुक्रवार को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हुए एक उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हो गईं। घटना उस समय हुई जब मंत्री कन्नूर रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर के पास से वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार होने पहुंची थीं।बताया जा रहा है कि केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ काले झंडे दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें मंत्री के गर्दन और हाथ में चोटें आईं। हालात बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत कन्नूर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। घटना के बाद उनकी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी गई।पिछले कुछ दिनों से कन्नूर जिले में मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी स्वास्थ्य विभाग में कथित मेडिकल लापरवाही के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार और मंत्री को घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में हाल के दिनों में चिकित्सा लापरवाही की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है।सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को जिले के इरिकुर, थालास्सेरी, कोडवल्ली, चालोदे और अयिप्पुझा समेत कई इलाकों में KSU कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए और काले झंडे लहराए। रेलवे स्टेशन पर हुआ प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा में चूक कैसे हुई। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है, वहीं विपक्ष ने कहा है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था। फिलहाल, मंत्री की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
अमित शाह : किशनगंज में अमित शाह की हाई-लेवल बैठक भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर सख्त समीक्षा
Wed, Feb 25, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को बिहार के किशनगंज पहुंचे और भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा से जुड़े मसलों पर अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। यह बैठक सीमांचल क्षेत्र में तीन दिवसीय दौरे के पहले चरण का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा-प्रबंधन और घुसपैठ-निरोध से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है।अमित शाह का यह दौरा 25 से 27 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा और इसका मुख्य केंद्र भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे किशनगंज एयरपोर्ट पर गृह मंत्री का स्वागत बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया।बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन, एसएसबी (Sashastra Seema Bal), बीएसएफ (Border Security Force) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहे। चर्चा का प्रमुख फोकस भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाना, अवैध गतिविधियों जैसे तस्करी, घुसपैठ और नकली मुद्रा के प्रसार पर नियंत्रण तथा तकनीकी निगरानी बढ़ाने जैसे विषय रहे।बातचीत के दौरान विशेष रूप से सीमा-पार गतिविधियों, खुफिया सूचना के आदान-प्रदान और सुरक्षा तंत्र के समन्वय को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार इस क्षेत्र में बाधित प्रसार को रोकने के लिए अधिक प्रभावशाली उपाय लागू करने पर भी विचार कर रही है।यह दौरा सीमांचल क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है, जहां करीब 700 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल की खुली सीमा है। इस क्षेत्र में बढ़ती संदिग्ध आवाजाही और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए गृह मंत्री अधिकारियों से विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं।