लोकसभा स्पीकर ओम बिरला : विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा
Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 10, 2026
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में विपक्ष की ओर से लोकसभा सचिवालय को एक औपचारिक नोटिस सौंपा गया है, जिस पर 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर होने का दावा किया जा रहा है। यह कदम संसद के मौजूदा सत्र के दौरान उठाया गया है और इसे विपक्ष द्वारा सरकार पर बढ़ते हमलों के रूप में देखा जा रहा है।विपक्षी दलों का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्ष भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। नोटिस में कहा गया है कि कई अहम मुद्दों पर विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों को प्राथमिकता मिली। विपक्ष का यह भी कहना है कि सदन में बार-बार स्थगन, विपक्षी सांसदों के माइक बंद किए जाने और प्रश्नकाल को प्रभावित करने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।सूत्रों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में यह उल्लेख किया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष का पद अत्यंत गरिमामय और निष्पक्षता का प्रतीक होता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह भावना कमजोर हुई है। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर को सरकार और विपक्ष के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए, न कि किसी एक पक्ष के हित में निर्णय लेने चाहिए।इस कदम पर सत्तारूढ़ दल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने विपक्ष के आरोपों को निराधार और राजनीतिक स्टंट करार दिया है। सत्तापक्ष का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला ने हमेशा संविधान, संसदीय नियमों और परंपराओं के अनुसार ही सदन का संचालन किया है। उनका यह भी आरोप है कि विपक्ष सदन को सुचारु रूप से चलने नहीं देना चाहता और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है। संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। विपक्ष का दावा है
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