दिल्ली : रेखा गुप्ता की दिल्ली सरकार ने एक साल पूरा किया
Munesh Kumar Shukla Fri, Feb 20, 2026
दिल्ली में रेखा गुप्ता की अगुआई वाली बीजेपी सरकार ने 20 फरवरी को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक साल पूरे कर लिए हैं। 2025 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने दिल्ली की जनता को कई वादे दिए थे, जिनके आधार पर लोगों ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार को सत्ता से बाहर किया और 27 साल बाद राजधानी की सत्ता बीजेपी के हाथ में चली गई। चुनाव से पहले जारी किए गए विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025 में महिलाओं, छात्रों, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, यमुना सफाई और कल्याण योजनाओं पर जोर दिया गया था।महिला समृद्धि योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को 2,500 प्रति माह, गर्भवती महिलाओं को 21,000 अनुदान और छह न्यूट्रिशन किट्स देने का वादा किया गया था। हालांकि, अभी योजना का क्रियान्वयन शुरू नहीं हुआ है, क्योंकि पात्रता तय करने और डेटाबेस बनाने में समय लग रहा है। वहीं, 500 में एलपीजी सिलेंडर और त्योहारों पर फ्री सिलेंडर योजना की प्लानिंग पूरी हो चुकी है और इसे डीबीटी से जोड़ दिया गया है।आयुष्मान भारत योजना लागू कर दी गई है, जिसमें 5 लाख तक कवर और टॉप-अप शामिल हैं। अब तक सात लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (क्लीनिक) खोले गए हैं। अटल कैंटीन कई जगहों पर शुरू की गई है, जहां 5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध है।सड़कों के सुधार और नवीनीकरण के लिए 800 करोड़ से अधिक फंड जारी किया गया है, 400-600 किमी सड़कों पर काम शुरू हो चुका है। दिल्ली में 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और नई बस सेवाएं भी शुरू की गई हैं। जल जीवन मिशन के तहत 2,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से जल आपूर्ति, पाइपलाइन और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता मजबूत होगी।यमुना सफाई और लैंडफिल हटाने की परियोजनाओं पर काम जारी है, लेकिन इन्हें पूरी तरह समाप्त होने में समय लगेगा। दिल्ली की हवा साफ करने के लिए रोड स्वीपिंग, ईवी पॉलिसी और अन्य उपाय लागू किए जा रहे हैं, लेकिन इसका असर अभी सीमित है।शिक्षा क्षेत्र में जरूरतमंद छात्रों को सरकारी संस्थानों में फ्री पढ़ाई और आर्थिक सहायता दी जा रही है। लखपति बिटिया योजना और राशन कार्ड धारकों के लिए मुफ्त सिलेंडर वितरण जैसी योजनाएं भी शुरू हो चुकी हैं।दिल्ली सरकार ने पहले साल में वेलफेयर और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं पर तेजी से काम किया है, लगभग 40-50% वादों को लागू किया गया या शुरू किया गया है। हालांकि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरणीय वादे अभी अधूरे हैं। सरकार का कहना है, “2025 तैयारी का साल, 2026 डिलीवरी का साल।” 2026 के अंत तक इन अधूरे वादों पर पूरा फोकस रहेगा।
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