अजय राय : लखनऊ में अजय राय को गांव जाने से रोका, कांग्रेस ने बताया ‘हाउस अरेस्ट’
Munesh Kumar Shukla Sun, Mar 1, 2026
लखनऊ में रविवार शाम उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय को पुलिस ने उनके पीजीआई स्थित अपार्टमेंट आवास पर ही रोक दिया। वह लखनऊ-सीतापुर रोड स्थित ग्राम तरैया में करंट लगने से जान गंवाने वाले संविदाकर्मी लाइनमैन परशुराम रावत के परिजनों से मिलने जा रहे थे। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को ‘हाउस अरेस्ट’ करार देते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पीजीआई थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) ने अजय राय को मोबाइल फोन पर एक आदेश दिखाते हुए कहा कि “ऊपर से निर्देश” हैं, इसलिए उन्हें गांव जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस पर अजय राय ने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि उनके वहां जाने से कानून-व्यवस्था की कौन सी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा, “क्या मेरे जाने से वह जिंदा हो जाएगा? क्या वह वापस आ जाएगा? आखिर ऐसा क्या कारण है कि मुझे शोक व्यक्त करने भी नहीं जाने दिया जा रहा है?” अजय राय ने यह भी मांग की कि यदि कोई विशेष आदेश है तो उसे स्पष्ट रूप से लिखित रूप में बताया जाए।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अजय राय को शाम 4:30 बजे ग्राम तरैया, सीतापुर रोड पहुंचना था। वहां वह बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से मृत संविदाकर्मी परशुराम रावत के आवास पर जाकर शोक संवेदना व्यक्त करने वाले थे। हालांकि, निर्धारित समय से पहले ही पीजीआई थाना पुलिस उनके आवास पहुंच गई और उन्हें बाहर न जाने की मौखिक हिदायत दी गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष को बिना स्पष्ट लिखित आदेश के रोका जाना उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को जनता से दूर रखने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के अनुसार, संवेदनशील मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से सरकार असहज है और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से कार्यक्रमों को बाधित किया जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और इसे लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
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