राज्यसभा : पीएम मोदी का हमला: कांग्रेस पर तीखे आरोप
Munesh Kumar Shukla Thu, Feb 5, 2026
गुरुवार को राज्यसभा के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला, जहाँ वे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पर जवाब दे रहे थे। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच संसद भवन में हंगामा, नारेबाज़ी और वॉकआउट जैसी घटनाएँ देखने को मिलीं, जो आज की राजनीतिक बहस का मुख्य केंद्र बनीं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस को स्पष्ट रणनीति, विज़न और नीतियों के अभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी देश के विकास एजेंडा के बजाय केवल आलोचना में व्यस्त रहती है। मोदी ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसके कुछ नेताओं के हालिया बयानों ने समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने का मार्ग प्रशस्त किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सिख समुदाय के एक सांसद को “गद्दार” कहे जाने का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाते हुए कहा कि कांग्रेस का राजनीतिक मॉडल “झूठ, फ़रेब और परिवारवाद” पर आधारित है और “सबका साथ-सबका विकास” उनके एजेंडा में फिट नहीं बैठता। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने जो विकास और वैश्विक समझौते हासिल किए हैं, वे कांग्रेस की सीमित सोच से कहीं ऊपर हैं। राज्यसभा में विपक्षी सदस्य जब पीएम मोदी बोल रहे थे, तो उन्होंने जोरदार नारेबाज़ी शुरू कर दी, और कुछ सांसदों ने सदन से वॉकआउट भी किया। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सुझाव दिया कि वह उम्र का ध्यान रखते हुए बैठकर नारेबाज़ी करें, जिससे यह टिप्पणी संसद में चर्चा का विषय बनी। संसद के बजट सत्र में यह मुठभेड़ पहले से जारी गतिरोध की नई कड़ी है। विपक्ष ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रश्नों के जवाब देने से बच रही है और लोकसभा में PM के भाषण को रद्द कर देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व अपनी जवाबदेही से भाग रहा है, और इसका असर संसद की कार्यवाही पर पड़ा है। पीएम मोदी ने भाषण के दौरान यह भी कहा कि देश का विकास तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और भारत अब केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं कर रहा, बल्कि समाधान भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक प्रगति, व्यापार समझौते और सामाजिक क्षेत्रों में सुधार यह संकेत हैं कि भारत सही दिशा में अग्रसर है। हालांकि विपक्ष का तर्क रहा कि सरकार वास्तविक मुद्दों को टालते हुए केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप कर रही है। इस पुरे घटनाक्रम ने भारतीय संसद में राजनीतिक असहमति और व्यापक बहस की स्थिति को उजागर किया।पीएम मोदी ने भाषण के दौरान यह भी कहा कि देश का विकास तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और भारत अब केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं कर रहा, बल्कि समाधान भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक प्रगति, व्यापार समझौते और सामाजिक क्षेत्रों में सुधार यह संकेत हैं कि भारत सही दिशा में अग्रसर है। हालांकि विपक्ष का तर्क रहा कि सरकार वास्तविक मुद्दों को टालते हुए केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप कर रही है।यह भी देखा गया कि लोकसभा में पीएम के भाषण को सुरक्षा चिंताओं के कारण स्थगित कर दिया गया था, जिसके चलते उनका राज्यसभा में भाषण का समय बढ़ा और विपक्ष का विरोध और बढ़ गया।
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