: BSP मुखिया मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित किया।
Sun, Dec 10, 2023
लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने आज अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। लखनऊ में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मायावती ने आकाश को लेकर ये बड़ी घोषणा की। आकाश आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं।
उन्होंने स्कूली पढ़ाई गुरुग्राम से और उच्च शिक्षा विदेशों से की है। हाल ही में आकाश की शादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई है।
राजनीति में सक्रिय हैं आकाश
बीएसपी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद अब घोषित तौर पर मायावती के उत्तराधिकारी होंगे।
आकाश का राजनीति में प्रवेश 2017 में हुआ, जब वो मायावती के साथ सहारनपुर में एक कार्यक्रम में मंच पर दिखे। इसके बाद वो अक्सर पार्टी की बैठकों में भी शामिल होते रहे और धीरे-धीरे उनका राजनैतिक कद भी बढ़ता गया।
मायावती ने उन्हें नेशनल कॉर्डिनेटर बनाया है। हाल ही में हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिज़ोरम के चुनाव में आकाश को ज़िम्मेदारी दी गई थी।
आकाश के सामने बड़ी चुनौती
बीएसपी वर्तमान में अपने सबसे ख़राब दौर से गुज़र रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई।
2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी को सिर्फ 19 सीटें मिलीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में पार्टी को 10 सीटें हासिल हुईं, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी सिर्फ एक सीट पर सिमट गई।
अब आकाश आनंद को न सिर्फ उत्तर प्रदेश में सक्रिय होकर काम करना होगा, बल्कि पूरे देश में पार्टी के संगठन को खड़ा करने के लिए सक्रिय रूप से ज़िम्मेदारी निभानी होगी।
लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीएसपी
बहुजन समाज पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है।
मायावती ने 2024 का चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा कर रखी है। फ़िलहाल मायावती ने एनडीए और न इंडिया अलायंस के साथ जाने के मूड में हैं। पार्टी आम तौर पर चुनाव से काफ़ी पहले अपने प्रत्याशियों की घोषणा करती आई है।
माना जा रहा है कि 2024 के लिए भी बीएसपी प्रत्याशियों के नाम तय कर सकती है। आकाश आनंद की घोषणा से ठीक एक दिन पहले पार्टी ने सफ़ाई अभियान भी चलाया कब अमरोहा से सांसद दानिश अली को अनुशासनहीनता के आरोप से पार्टी से बाहर कर दिया गया।
अब लोकसभा चुनाव में बीएसपी के सामने बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है, जिसमें अब आकाश आनंद की ज़िम्मेदारी भी बड़ी होगी।
: विष्णु देव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए सीएम।
Sun, Dec 10, 2023
रायपुर
विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री होंगे. बीजेपी विधायक दल की रविवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
पहले से ही यह अनुमान जताया जा रहा था कि अगर भाजपा 2003 से 2018 तक तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह को नहीं चुनती है तो वह किसी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) या आदिवासी समुदाय से ही मुख्यमंत्री को चुनेगी और हुआ भी ऐसा ही।
राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अनिश्चितता को खत्म करते हुए भाजपा के नवनिर्वाचित 54 विधायकों की अहम बैठक में विष्णु देव साय के नाम पर मुहर लगा दी गई।
भाजपा विधायक दल की रायपुर स्थित पार्टी मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई बैठक में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से भेजे गए तीन पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सर्बानंद सोनोवाल और पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम भी शामिल थे।
इनके अलावा पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और राज्य के सह प्रभारी नितिन नबीन भी बैठक में मौजूद रहे।
आदिवासी समुदाय से आने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय के अलावा विधायक चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली रेणुका सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री रामविचार नेताम और लता उसेंडी तथा विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने वाली गोमती साय दावेदारों में शामिल थे।
: सांसदी छिनने के बाद अब क्या करेंगी महुआ मोइत्रा?
Fri, Dec 8, 2023
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की कैश फॉर क्वेरी केस में सांसदी रद्द कर दी गई है।
संसद की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनिमत से ये प्रस्ताव पारित करके मोइत्रा को संसद की सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
विपक्षी इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहे हैं तो वहीं बीजेपी आरोप लगा रही है कि सांसद महुआ मोइत्रा ने विशेषाधिकार की धज्जियां उड़ाई।दरअसल, पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से टीएमसी की सांसद रहीं महुआ मोइत्रा पर दो संगीन आरोप लगे थे।
पहला आरोप था कि 2019-23 के बीच महुआ मोइत्रा के लॉगिन से 61 बार सवाल पूछा गया, जो महुआ की तरफ से दर्शन हीरानंदानी ने पूछा था।दूसरा आरोप था कि महुआ ने संवेदनशील जानकारियों वाला संसदीय लॉग इन आईडी और पासवर्ड दूसरे शख्स को दे दिया था।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर संसद की एथिक्स कमेटी ने संज्ञान लिया।
महुआ के पास अब क्या हैं ऑप्शन?
अब यहां सवाल उठता है कि सांसदी छिनने के बाद महुआ मोइत्रा के पास क्या ऑप्शन हैं। संविधान के जानकारों की मानें तो महुआ के पास अब पांच विकल्प बचे हैं।
हालांकि इनसे उन्हें कितनी राहत मिलेगी, इस पर कुछ भी कहना संभव नहीं है।