शुभांशु शुक्ला : शुभांशु शुक्ला का ऐतिहासिक अंतरिक्ष सफर
Munesh Kumar Shukla Fri, Feb 27, 2026
जब हमारी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने पूछा था राकेश शर्मा जी से जो पहले भारत के अंतरिक्ष यात्री थे कि वहां से भारत कैसा दिखता है? तो उन्होंने कहा था सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। 25 जून 2025 की दोपहर जैसे ही घड़ी में 12:01 का वक्त दिखाया भारत का दिल एक साथ धड़क उठा अमेरिका के कनेडी स्पेस सेंटर से जैसे ही फाल्कन रॉकेट से बंधा स्पेस एक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट आसमान की ऊंचाइयों की ओर बढ़ा। उसमें सवार एक भारतीय का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। वो नाम है शुभांशु शुक्ला। राकेश शर्मा के बाद 41 साल तक भारत ने इंतजार किया था। उस पल का जब कोई भारतीय दोबारा अंतरिक्ष की दहलीज पर कदम रखेगा और इस इंतजार को तोड़ा लखनऊ के लाल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने। एक्सियम4 मिशन नासा और स्पेस एक्स का यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अभियान केवल अमेरिका या पश्चिमी देशों के लिए वैज्ञानिक प्रयोग का प्लेटफार्म नहीं रहा। इस बार इसमें भारत की भावनाएं, उम्मीदें और आकांक्षाएं भी सवार थी। शुभांशु ने उड़ान से पहले कहा यह सिर्फ मेरी उड़ान नहीं है बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सपने लेकर जा रहा हूं। उनकी यह बात सिर्फ शब्द नहीं एक भावनात्मक संकल्प था। भारत की अंतरिक्ष यात्रा को आगे ले जाने का। यह मिशन पहले 10 जून को ल्च होना था। लेकिन खराब मौसम के चलते एक दिन के लिए पोस्टपोन किया गया।
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