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₹370 बिरयानी विवाद : वायरल वीडियो ने सहमति और महिलाओं के सम्मान पर छेड़ी बहस

Munesh Kumar Shukla Fri, Jun 12, 2026

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए तथाकथित “₹370 बिरयानी” विवाद ने पूरे देश में महिलाओं के सम्मान, सहमति और डिजिटल जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक वीडियो क्लिप में कथित रूप से महिला के साथ संबंध बनाने को ₹370 की बिरयानी से जोड़कर मजाक किया गया, जिसके बाद इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इसे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से साझा किया जाने लगा। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और संदर्भ को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मजाक महिलाओं की सहमति को हल्के में लेने वाली मानसिकता को बढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार, किसी भी महिला की इच्छा और स्वायत्तता को किसी वस्तु या लेन-देन से जोड़ना सामाजिक रूप से हानिकारक संदेश देता है।

हालांकि कुछ लोगों ने इसे केवल हास्य या मनोरंजन का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसे आवश्यकता से अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। लेकिन महिला अधिकार संगठनों का तर्क है कि ऐसे कथन सामान्य लग सकते हैं, परंतु वे समाज में मौजूद लैंगिक असमानताओं और पूर्वाग्रहों को मजबूत करते हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी भी समूह की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज सामाजिक सोच को प्रभावित करने की बड़ी ताकत बन चुके हैं। ऐसे में कंटेंट बनाने वालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। यदि किसी मजाक का आधार किसी व्यक्ति या वर्ग की गरिमा को कम करना है, तो वह केवल मनोरंजन नहीं रह जाता बल्कि सामाजिक संदेश का रूप ले लेता है।

इस विवाद ने एक बार फिर सहमति (Consent) की अवधारणा को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सहमति किसी भी रिश्ते का मूल आधार है और इसे मजाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है और विभिन्न पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।