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बिहार में कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी हलचल : निशांत कुमार बन सकते हैं मंत्री

Munesh Kumar Shukla Wed, May 6, 2026

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए गठबंधन की सरकार बनी थी, जिसमें नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि अब उन्होंने राज्यसभा का रुख कर लिया है और उनकी जगह सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। यह पहली बार है जब भाजपा के नेतृत्व में बिहार में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं।

फिलहाल सम्राट चौधरी की कैबिनेट में जदयू के केवल दो वरिष्ठ नेताओं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद—को उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया है। अब सरकार बनने के एक महीने बाद मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी पूरी हो चुकी है और यह विस्तार कल होने वाला है।

सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी मंत्री बनाया जा सकता है और वे शपथ ले सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि निशांत कुमार पहले मंत्री पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर चुके थे और उन्होंने राज्य का दौरा करने की बात कही थी, लेकिन अब पार्टी नेतृत्व के समझाने के बाद वे इस भूमिका के लिए तैयार हो गए हैं।

इधर, जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मांग की है कि नई सरकार में जदयू को 16 मंत्री पद मिलने चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में कई पुराने चेहरों को बरकरार रखा जा सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलेगा। जदयू के कई विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है, जिनमें भगवान सिंह कुशवाहा का नाम भी शामिल है।

कुल मिलाकर, बिहार में होने वाला यह कैबिनेट विस्तार न सिर्फ सरकार के स्वरूप को तय करेगा, बल्कि एनडीए के भीतर सहयोगी दलों के बीच शक्ति संतुलन को भी स्पष्ट करेगा।