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बंगाल नतीजों का असर : अखिलेश यादव ने I-PAC से तोड़ा नाता, यूपी 2027 की तैयारी तेज

Munesh Kumar Shukla Wed, May 6, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों ने विपक्षी गठबंधन INDI अलायंस को बड़ा झटका दिया है। इन नतीजों का असर अब अन्य राज्यों की राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीति और प्रबंधन से जुड़ी कंपनी I-PAC के साथ अपनी डील रद्द कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने पहले I-PAC को हायर किया था, लेकिन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। उल्लेखनीय है कि बंगाल चुनाव में TMC की रणनीति और चुनाव प्रबंधन I-PAC ही संभाल रही थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।

बताया जा रहा है कि इस हार के बाद I-PAC की कार्यशैली पर सवाल उठे, जिसके चलते अखिलेश यादव ने दूरी बनाना ही बेहतर समझा। बंगाल में I-PAC को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबरें भी सामने आई थीं, जिसने इस फैसले को और प्रभावित किया।

वहीं, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अब अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अखिलेश यादव खुद मैदान में उतरकर संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी क्रम में वह शाहजहांपुर का दौरा कर रहे हैं, जहां वे पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर बूथ स्तर तक रणनीति को मजबूत करने पर जोर देंगे।

शाहजहांपुर जिले की बात करें तो यहां की छहों विधानसभा सीटें फिलहाल बीजेपी के पास हैं और पिछली बार समाजवादी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। हालांकि, जिले में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है, जिसे ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव एक बार फिर अपने MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के नतीजों ने विपक्षी दलों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है, और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।