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एनसीईआरटी विवाद : एनसीईआरटी विवाद पर शिक्षा मंत्री सख्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान

Munesh Kumar Shukla Thu, Feb 26, 2026

कक्षा 8 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' नामक पाठ को लेकर देशभर में विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी तुरंत हस्तक्षेप करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।झारखंड के सरायकेला खरसावां में मीडिया से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबों में न्यायपालिका के बारे में इस तरह की जानकारी शामिल करना अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला सामने आते ही पाठ्यपुस्तकों का रिव्यू कराया गया है। शिक्षा मंत्री ने इस घटना पर गहरा अफसोस व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा नहीं होने पाएगी। उन्होंने कहा, “हम सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में सख्त कार्रवाई का सामना करें। बच्चों को सही, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी दी जाए।”सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित कंटेंट पर शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बेहद गंभीर नजर आए और कहा कि यह पाठ्यपुस्तक की सामग्री न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और सम्मान को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक किताब का मामला नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से समाज में गलत संदेश फैलाने की कोशिश प्रतीत होती है। सीजेआई ने भावुक होते हुए कहा, “आज न्यायपालिका खून से लथपथ है और कोई भी कुछ भी कह रहा है।”शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकें छात्रों के मानसिक विकास और ज्ञान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उनमें तथ्यात्मक और संतुलित जानकारी का होना अनिवार्य है। पाठ्यपुस्तकों में किसी भी प्रकार की अपुष्ट आलोचना या असत्य जानकारी शामिल करने से छात्रों में गलत संदेश जाने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति छात्रों का सम्मान बनाए रखना लोकतंत्र के प्रति उनके विश्वास और नागरिक जिम्मेदारी को मजबूत करता है।

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