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प्रशांत नारायण : कार्तिक आर्यन पर प्रशांत नारायण का तंज: “अभिनय कमजोर, फिर भी इंडस्ट्री में टिके”

Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 14, 2026

फिल्म इंडस्ट्री में अपने नकारात्मक किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता प्रशांत नारायण ने हाल ही में एक बयान देकर चर्चा छेड़ दी है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के अभिनय पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें कार्तिक का अभिनय प्रभावशाली नहीं लगता।प्रशांत नारायण ने कहा कि कार्तिक आर्यन की एक्टिंग सीमित दायरे में दिखाई देती है और वे किरदारों में गहराई नहीं ला पाते। उनके मुताबिक, अभिनय केवल लोकप्रियता या स्टारडम से नहीं बल्कि किरदार की समझ और अभिव्यक्ति से मजबूत होता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि दर्शकों के बीच लोकप्रिय होने और अच्छा अभिनेता होने में अंतर होता है।हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कार्तिक आर्यन की फिल्मों की मार्केटिंग, उनकी युवा दर्शकों में लोकप्रियता और हल्के-फुल्के मनोरंजन वाली फिल्मों का चुनाव उन्हें लगातार काम दिला रहा है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में बॉक्स ऑफिस अपील और सोशल मीडिया मौजूदगी कई बार अभिनय क्षमता से ज्यादा प्रभावी साबित हो जाती है।प्रशांत नारायण के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कार्तिक आर्यन के प्रशंसक जहां अभिनेता के समर्थन में उतर आए हैं, वहीं कुछ लोग इसे फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिभा और स्टारडम के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देख रहे हैं। अभी तक कार्तिक आर्यन की ओर से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कार्तिक आर्यन ने रोमांटिक-कॉमेडी और फैमिली एंटरटेनर फिल्मों के जरिए एक खास दर्शक वर्ग तैयार किया है, जिससे उनकी बॉक्स ऑफिस पकड़ मजबूत हुई है। यही कारण है कि निर्माता-निर्देशक उन्हें व्यावसायिक रूप से सुरक्षित विकल्प मानते हैं। दूसरी ओर, आलोचकों का एक वर्ग मानता है कि अलग-अलग तरह के किरदारों में प्रयोग करना किसी भी अभिनेता के करियर के लिए जरूरी होता है, जिससे अभिनय क्षमता का विस्तार होता है।

इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, इस तरह के बयान अक्सर फिल्मों की रिलीज, स्टार इमेज और दर्शकों की पसंद को लेकर चल रही बहस को भी सामने लाते हैं। कई कलाकारों का मानना है कि आज के दौर में स्टारडम, पब्लिसिटी और डिजिटल उपस्थिति करियर को तेजी से आगे बढ़ा सकती है, लेकिन लंबे समय तक टिके रहने के लिए अभिनय कौशल की भूमिका अहम होती है। ऐसे में यह विवाद एक बार फिर इस सवाल को केंद्र में ले आया है कि बॉलीवुड में सफलता का असली पैमाना प्रतिभा है या लोकप्रियता।