Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

13th May 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 13-05-2026

पंत की कप्तानी में भी प्लेऑफ से बाहर हुई लखनऊ

शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी हत्याकांड की जांच अब CBI के हाथ

सीएम बनते ही विजय का बड़ा फैसला

22 लाख छात्रों का भविष्य संकट में

अखिलेश यादव : शंकराचार्य पर टिप्पणी को बताया शाब्दिक हिंसा और पाप

Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 14, 2026

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में शंकराचार्य पर किए गए विवादित बयान को कड़ी निंदा करते हुए इसे शाब्दिक हिंसा और पाप करार दिया। उन्होंने भाजपा पर महाकुंभ में हुई मौतों के आंकड़ों में पारदर्शिता न रखने और मुआवजे में भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें उठाई। अखिलेश यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, "पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’ पर उसकी वाणी पोल खोले। परम पूज्य शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है और पाप भी । ऐसा कहने वाले के साथ-साथ जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं, उन्हें भी पाप पड़ेगा।"सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जब वे सदन के बाहर जनता का सामना करेंगे, तो जनता सड़क पर उनका “सदन” लगा देगी। उन्होंने महाकुंभ में हुई मौतों और मुआवजे के मुद्दे पर कहा, "जो सही आंकड़े नहीं बताते, कैश में मुआवजा देते समय भ्रष्टाचार करते हैं और जिन तक मुआवजा नहीं पहुंचा, उसका हिसाब नहीं देते; अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं, उन्हें किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।"अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखे लहजे में सवाल उठाए और लिखा कि उनकी सरकार ‘कानून का शासन’ का ढोंग कर रही है। उन्होंने पूछा कि जब उनका ध्यान इस पर जाएगा तो क्या वे ‘विधि का शासन’ बोलने के लिए फिर से सदन बुलाएंगे या इसके लिए ‘लड़खड़ाता प्रायश्चित’ करेंगे। उन्होंने कहा, "जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है, तो यही होता है। अहंकार संस्कार को विकार में बदल देता है। वो व्यक्ति समाज में मान-सम्मान खो देता है, जिसके बारे में यह कहावत प्रचलित हो जाती है कि ‘जब मुंह खोला, तब बुरा बोला।’"सपा प्रमुख ने भाजपा नेताओं की राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “‘हाता नहीं भाता’ का यही विस्तारित रूप है, यही सच्ची सच्चाई है। जिस समाज के खिलाफ रहकर उन्होंने हमेशा अपनी नफ़रत की राजनीति की है, उसे धर्म के मामले में भी अपमानित-पराजित करने का यह उनका अहंकार है। उनके बस चले तो विवादित फिल्म का नाम बदलने की ज़रूरत नहीं समझते और टैक्स फ्री भी कर देते।"अखिलेश यादव ने चेताया कि अगले चुनाव में समाज भाजपा को इसकी सजा देगा। उन्होंने कहा, "जनता एक-एक वोट उनके खिलाफ डालेगी, अपने अपमान और उनके प्रदेश अध्यक्ष के नोटिस का सही जवाब देगी। उनकी सरकार हटाकर नई सरकार बनाएगी, फिर आराम से मिलजुलकर बेधड़क दाल-बाटी खाएगी।"सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि शंकराचार्य पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि निंदा शब्द भी इस कृत्य की गंभीरता को व्यक्त करने में कम पड़ता है।अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे धर्म और आस्था का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समाज की भावनाओं का अपमान है और ऐसे बयान लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक सहिष्णुता के खिलाफ हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मामले में सजग रहें और अपने अधिकारों का प्रयोग करें।

विज्ञापन

जरूरी खबरें