मोरन हाईवे : PM मोदी की मौजूदगी में राफेल-सुखोई का शक्ति प्रदर्शन
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 14, 2026
टीवी भारतवर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन बाइपास पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) एयरस्ट्रिप पर भारतीय वायुसेना के विमान से उतरकर एक अहम सैन्य और अवसंरचनात्मक संदेश दिया। सुबह करीब 10 बजे उनका विमान हाईवे पर उतरा। यह एयरस्ट्रिप सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और आपात स्थिति में वायुसेना के वैकल्पिक रनवे के रूप में काम कर सकता है।प्रधानमंत्री की मौजूदगी में वायुसेना ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। राफेल और सुखोई सहित कुल 16 लड़ाकू विमानों ने एरियल शो पेश किया और हाईवे से ही टेकऑफ-लैंडिंग का प्रदर्शन किया। लगभग 30 मिनट तक चले इस डेमो में युद्धकालीन तैयारी, त्वरित तैनाती और आपातकालीन संचालन क्षमता को प्रदर्शित किया गया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सुविधा पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को मजबूत करती है और सीमा क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाती है।कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मन सेतु का उद्घाटन किया और IIM गुवाहाटी के अस्थायी परिसर का भी लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।प्रधानमंत्री मोदी का यह पिछले तीन महीनों में तीसरा असम दौरा है। राज्य में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। असम में 2016 से लगातार दो बार NDA की सरकार रही है, जबकि इससे पहले 2001 से 2016 तक कांग्रेस सत्ता में थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास परियोजनाओं और सुरक्षा तैयारियों के संदेश के साथ यह दौरा चुनावी माहौल में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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