‘छतरी या चुनावी स्टंट?’ : अंबेडकर प्रतिमा पर BJP के फैसले पर अखिलेश का तीखा वार
Munesh Kumar Shukla Thu, Apr 9, 2026
उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर छतरी लगाने के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस कदम पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा हमला बोला है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जो सरकार पिछले 9 सालों में आरक्षण और दलितों के अधिकारों को कमजोर करती रही, वही अब अंबेडकर की प्रतिमाओं पर छतरी लगाकर दिखावा कर रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कदम जनता को गुमराह करने की कोशिश है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा अंबेडकर प्रतिमाओं को नुकसान भी बीजेपी से जुड़े लोगों ने ही पहुंचाया है।
इसके साथ ही उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर कहा कि 2019 में दोनों दल साथ आ चुके हैं और आज भी उनकी पार्टी दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनावी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंबेडकर के नाम पर इस तरह के फैसले सिर्फ वोट बैंक को साधने की कोशिश हैं।
अब इस मुद्दे ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले चुनावों से पहले यह विवाद और गरमा सकता है।
विज्ञापन