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ईरान और अमेरिका : खामेनेई का ट्रंप पर तीखा हमला

Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 17, 2026

अंतरराष्ट्रीय, टीवी भारतवर्ष

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता संपन्न हुई। कूटनीतिक बातचीत के इस अहम चरण के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा प्रहार किया है। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी और बढ़ती नजर आ रही है।जिनेवा में हुई इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, बातचीत में प्रतिबंधों में संभावित राहत, परमाणु गतिविधियों पर निगरानी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, वार्ता के समानांतर खामेनेई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई पोस्ट साझा कर अमेरिकी नेतृत्व पर निशाना साधा। एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अक्सर दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य शक्ति होने का दावा करते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि सबसे ताकतवर सैन्य बल पर भी ऐसा हमला हो सकता है कि वह संभल न सके।खामेनेई के इस बयान को सीधे तौर पर अमेरिकी शक्ति प्रदर्शन और हालिया चेतावनियों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। अमेरिकी प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। जवाब में तेहरान भी अपनी संप्रभुता और सुरक्षा हितों की रक्षा की बात दोहरा रहा है।विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी वार्ता प्रक्रिया को जटिल बना सकती है। जहां एक ओर बंद कमरे में बातचीत जारी है, वहीं सार्वजनिक मंचों पर तीखे बयान अविश्वास को और गहरा कर रहे हैं। यूरोपीय देशों ने संयम बरतने और संवाद जारी रखने की अपील की है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास किसी ठोस समझौते का रास्ता खोल पाएंगे। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं, लेकिन संवाद की निरंतरता को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।कूटनीतिक सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि आने वाले दौर की वार्ताओं में ठोस प्रगति नहीं हुई, तो क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक प्रतिबंधों का संकट और गहरा सकता है।