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उत्तर कोरिया : किम जोंग उन का दोबारा सत्ता पर कब्ज़ा उत्तर कोरिया में परमाणु एजेंडे को और मिलेगी धार

Munesh Kumar Shukla Mon, Feb 23, 2026

उत्तर कोरिया में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव पद पर किम जोंग उन को एक बार फिर निर्विरोध चुन लिया गया है। सोमवार को सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने घोषणा की कि हजारों प्रतिनिधियों ने “एकमत” से किम के नाम पर मुहर लगाई। यह चयन औपचारिक प्रक्रिया भर नहीं माना जा रहा, बल्कि किम के परमाणु शस्त्रागार और उनकी सैन्य नीतियों के प्रति पार्टी के समर्थन का संकेत भी है।गत बृहस्पतिवार से शुरू हुई पार्टी कांग्रेस में किम अगले पांच वर्षों के लिए अपने राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों की रूपरेखा पेश कर सकते हैं। संकेत हैं कि वह परमाणु कार्यक्रम को और तेज करने पर जोर देंगे। उत्तर कोरिया के पास पहले से ऐसी मिसाइलें मौजूद हैं, जो एशिया में अमेरिकी सहयोगियों के साथ-साथ अमेरिकी मुख्य भूमि तक को निशाना बनाने में सक्षम बताई जाती हैं।विश्लेषकों का मानना है कि किम पारंपरिक सैन्य बलों को और सशक्त बनाने तथा उन्हें परमाणु क्षमताओं के साथ एकीकृत करने की नई रणनीति पेश कर सकते हैं। साथ ही चीन के साथ व्यापार में संभावित सुधार और रूस को हथियार निर्यात से मिली आर्थिक मजबूती के बीच “आत्मनिर्भरता” अभियान पर भी दोबारा जोर दिया जा सकता है।वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित होने वाली इस कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व का चयन किया जाता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। 2019 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद लगभग ठप है। 2024 में दक्षिण कोरिया को “स्थायी दुश्मन” घोषित करने के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।