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लोकसभा : हंगामे पर प्रियंका गांधी का हमला:'विपक्ष का गला घोंटा जा रहा’

Munesh Kumar Shukla Mon, Feb 9, 2026

लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न दिए जाने के मामले को लेकर मचे हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कहा कि यह लोकतंत्र नहीं है जहां विपक्ष के नेता को अपने विचार रखने की अनुमति ही न दी जाए। मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी को केवल एक मिनट के लिए भी बोलने की अनुमति न देना हास्यास्पद और चिंताजनक है।प्रियंका ने कहा, “यह बहुत दुखद है कि हम सदन (लोकसभा) जाते हैं और बस बाहर आ जाते हैं। विपक्ष के नेता को एक मिनट भी बोलने की अनुमति नहीं दी जाती। यह हास्यास्पद है। यह लोकतंत्र नहीं है। हम यहाँ किसलिए आते हैं? उन्हें बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।” उनके अनुसार यह केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संसद की गरिमा का मामला है।घटना तब हुई जब विपक्ष ने राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न दिए जाने का विरोध करते हुए कई बार सदन को स्थगित किया। इसके बाद जब सदन फिर से शुरू हुआ, तो प्रियंका गांधी ने इस पूरी स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने सदन में कहा कि उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि वे अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। राहुल गांधी ने सदन में कहा, “एक घंटे पहले सदन का एक सदस्य अध्यक्ष के पास गया था। अध्यक्ष ने हमें आश्वासन दिया कि मुझे यहां बोलने और बजट चर्चा से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति दी जाएगी। अब आप अपने वादे से मुकर रहे हैं। इसलिए मैं जानना चाहता हूं कि क्या मुझे ये मुद्दे उठाने की अनुमति है या नहीं?”प्रियंका गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर भी निशाना साधा। उन्होंने उस बयान को पूरी तरह गलत करार दिया, जिसमें स्पीकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सदन में न आने का आग्रह किया था। स्पीकर का यह बयान तब आया जब उन्हें सूचना मिली कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास आकर असामान्य घटना कर सकते हैं। प्रियंका ने कहा कि यह बयान सरकार के दबाव में दिया गया और वास्तविकता से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सांसद प्रधानमंत्री पर हाथ नहीं उठा सकतीं और उनके खिलाफ यह आरोप सरासर गलत है।प्रियंका ने कहा, “मैं पहले ही कह चुकी हूं कि स्पीकर का अपमान हुआ है और उन पर इतना दबाव है कि उन्हें खुद बयान देने पड़ रहे हैं। महिला सांसद प्रधानमंत्री पर हाथ नहीं उठा सकती। मैं और मेरे साथ 11 अन्य महिला सांसद हैं, और यह बयान पूरी तरह गलत है। इसे केवल सरकार के दबाव में प्रस्तुत किया गया।”प्रियंका गांधी ने विपक्ष की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि विपक्ष केवल आलोचना करने के लिए नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह ठहराने और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष की आवाज़ दबाना लोकतंत्र के लिए खतरा है। राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न देना इस बात का संकेत है कि सरकार विपक्ष की आवाज़ से डर रही है।प्रियंका गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने विपक्ष के लगातार व्यवधान पैदा करने पर नाराजगी जताई थी। प्रियंका ने कहा कि विपक्ष का काम ही है सरकार के निर्णयों और नीतियों पर सवाल उठाना और उन्हें जवाबदेह ठहराना।

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