तेजस Mk1A प्रोजेक्ट में बड़ा खुलासा : HAL ऑडिट में 199 टेस्ट रिपोर्ट फर्जी मिलीं
Munesh Kumar Shukla Fri, Jun 12, 2026
भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के आंतरिक ऑडिट में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk1A परियोजना के लिए आपूर्ति किए गए कुछ पुर्जों की 199 टेस्ट रिपोर्ट कथित रूप से फर्जी पाई गई हैं। इस खुलासे के बाद HAL ने हैदराबाद स्थित एक वेंडर कंपनी के खिलाफ बेंगलुरु में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। मामला सामने आने के बाद रक्षा क्षेत्र और सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, तेजस Mk1A कार्यक्रम के लिए विभिन्न पुर्जों और उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा प्रस्तुत परीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा के दौरान कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। ऑडिट टीम को संदेह हुआ कि कुछ रिपोर्टें वास्तविक परीक्षण के बिना तैयार की गई थीं। जांच में कुल 199 ऐसी रिपोर्टें मिलीं जिन्हें संदिग्ध या फर्जी माना गया है।
HAL ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कंपनी ने संबंधित सप्लाई चेन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन रिपोर्टों से जुड़े पुर्जे विमान निर्माण प्रक्रिया में किस स्तर तक उपयोग किए गए। आवश्यकता पड़ने पर सभी संबंधित उपकरणों और पार्ट्स का पुनः परीक्षण कराया जाएगा।
तेजस Mk1A भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाला है। ऐसे में गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सैन्य विमानों में उपयोग होने वाले प्रत्येक पुर्जे की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। यदि परीक्षण रिपोर्टों में धोखाधड़ी हुई है, तो यह केवल एक व्यावसायिक अनियमितता नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बन जाता है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला लापरवाही का परिणाम है या सुनियोजित धोखाधड़ी का। दोष सिद्ध होने पर संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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