पंजाब में गहराया बिजली संकट : कई उत्पादन इकाइयां बंद होने से महंगी बिजली खरीदने को मजबूर सरकार
Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 30, 2026
पंजाब में इस समय बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और धान की रोपाई के दौरान कृषि क्षेत्र में बढ़ती खपत के बीच राज्य सरकार को बाहरी स्रोतों से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सरकारी ताप विद्युत संयंत्रों की कई उत्पादन इकाइयां बंद होने या कम क्षमता पर चलने के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार राज्य के विभिन्न बिजली संयंत्रों की कई इकाइयां तकनीकी खराबी, रखरखाव कार्य या पुराने उपकरणों के कारण उत्पादन नहीं कर पा रही हैं। परिणामस्वरूप पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को बिजली एक्सचेंज से ऊंची कीमतों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। कई मौकों पर बिजली की खरीद दर 10 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जिससे सरकारी खर्च में भारी वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में धान की खेती के दौरान सिंचाई के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही भीषण गर्मी के कारण घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है।
बिजली संकट का असर किसानों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं पर भी दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं, जबकि उद्योग जगत ने उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई है। किसान संगठनों ने सरकार से खेती के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि बंद पड़ी इकाइयों को जल्द चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं और अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था भी की जा रही है। सरकार का दावा है कि उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए राज्य को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पुराने संयंत्रों के आधुनिकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर विशेष ध्यान देना होगा।
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