Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

5th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी घुसपैठ के आरोपों से बढ़ी चिंता : जनजातीय समुदाय ने प्रशासन से मांगी कार्रवाई

Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 30, 2026

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा के निकट कथित चीनी घुसपैठ को लेकर नया विवाद सामने आया है। नाह जनजातीय समुदाय ने आरोप लगाया है कि पिछले लगभग छह वर्षों के दौरान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने उनके पारंपरिक चरागाहों, शिकार क्षेत्रों और कृषि भूमि के बड़े हिस्से पर प्रभाव स्थापित कर लिया है। समुदाय का कहना है कि इस कारण स्थानीय लोगों की आजीविका और पारंपरिक जीवनशैली पर गंभीर असर पड़ा है।

नाह वेलफेयर सोसाइटी ने हाल ही में अपर सुबनसिरी जिले के उपायुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और केंद्र तथा राज्य सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जिन क्षेत्रों का उपयोग स्थानीय समुदाय वर्षों से करता आ रहा है, वहां अब लोगों की आवाजाही कठिन हो गई है। इससे पशुपालन, कृषि और अन्य पारंपरिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

जनजातीय प्रतिनिधियों का कहना है कि सीमा से लगे कई इलाकों में स्थानीय लोगों की मौजूदगी पहले की तुलना में कम हो गई है। उनका दावा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण कराया जाए और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

फिलहाल इस मामले पर प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी सीमावर्ती क्षेत्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आधिकारिक तौर पर इस संबंध में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सीमा क्षेत्रों में निगरानी और गश्त पहले से ही बढ़ाई गई है।

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनती रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की वार्ताएं भी हो चुकी हैं, जिनका उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना है। ऐसे में स्थानीय समुदाय द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और वहां रहने वाले लोगों की चिंताओं को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।