पंजाब में सियासी घमासान : हरभजन सिंह की सुरक्षा हटी, केंद्र ने संभाली जिम्मेदारी
Munesh Kumar Shukla Sun, Apr 26, 2026
पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा वापस ले ली। रविवार को जालंधर स्थित उनके आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया। हालांकि, इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उन्हें अपनी ओर से सुरक्षा प्रदान कर दी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी के भीतर असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। इससे पहले राघव चड्ढा की सुरक्षा में भी बदलाव हुआ था, जो पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्हें भी केंद्र सरकार द्वारा जेड प्लस सुरक्षा दी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य में बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। राघव चड्ढा ने दावा किया था कि ‘आप’ के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि, इस पर हरभजन सिंह ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल तीन सांसदों ने ही पार्टी छोड़ी है।
इस बीच, जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा जैसे शहरों में कार्यकर्ताओं का विरोध भी सामने आया है। कई जगह सांसदों के घरों और कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन हुए और दीवारों पर नारे लिखे गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मिलकर ऐसे सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह उठापटक पंजाब की राजनीति और ‘आप’ के भविष्य के लिए बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है।
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