गैस संकट : गैस संकट के बीच देशभर में लागू हुआ एसेंशियल कमोडिटी एक्ट
Tue, Mar 10, 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलमार्ग के जरिए होने वाली गैस आपूर्ति बाधित होने के बाद केंद्र सरकार ने देशभर में
एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955
लागू कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना और संकट की स्थिति में जमाखोरी या कृत्रिम कमी को रोकना है।
गैस की संभावित किल्लत को देखते हुए दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने फिलहाल कमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि सीमित उपलब्धता को देखते हुए घरेलू उपयोग और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि इस फैसले से रेस्टोरेंट और होटल उद्योग पर असर पड़ने लगा है। कई छोटे होटल और भोजनालय चलाने वालों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो उन्हें कारोबार बंद करने की नौबत आ सकती है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से मांग की है कि कम से कम सीमित मात्रा में कमर्शियल गैस की आपूर्ति शुरू की जाए ताकि उनका व्यवसाय चल सके। सरकार फिलहाल स्थिति की समीक्षा कर रही है।
एलपीजी : एलपीजी संकट के बीच सरकार ने लागू किया ESMA
Tue, Mar 10, 2026
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और ईरान युद्ध के बाद दुनिया में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर संकट पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन प्रावधानों के तहत
ESMA (एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट)
लागू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारत में गैस की आपूर्ति बाधित न हो।
सरकार ने इस आदेश के तहत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के हिसाब से बांटने का फैसला किया है। इसके तहत घरेलू उपयोग, अस्पतालों, बिजली उत्पादन और अन्य जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि वैश्विक संकट के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, ऐसे में आवश्यक क्षेत्रों को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराना जरूरी है।
अधिकारियों के अनुसार इस कदम से घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी सेवाओं को राहत मिलेगी और संकट का असर कम किया जा सकेगा। सरकार लगातार ऊर्जा कंपनियों और गैस आपूर्ति एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि देश में किसी तरह की आपूर्ति बाधा न आए। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
संसद : संसद के बजट सत्र में हंगामा, लोकसभा 35 मिनट में स्थगित
Tue, Mar 10, 2026
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दूसरे दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण केवल 35 मिनट ही चल सकी। सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध, उसके भारत पर संभावित असर और देश के ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने ‘देश को बचाना है, मोदी को हटाना है’, ‘मोदी सरकार शेम-शेम’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। साथ ही चुनाव आयोग पर वोट की दलाली करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री
शिवराज सिंह चौहान
ने किसानों और कृषि से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि चावल और गेहूं उत्पादन के मामले में भारत अब चीन से आगे निकल चुका है। उनके भाषण के दौरान भी विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। इस पर चौहान ने कहा कि देश विपक्ष का तमाशा देख रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू नहीं होने दिया।
लगातार हो रहे हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष
ओम बिड़ला
ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त
ज्ञानेश कुमार
के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबर है, जिसका मसौदा तैयार बताया जा रहा है।