सम्राट कैबिनेट का महाविस्तार : पीएम मोदी की मौजूदगी में 38 मंत्रियों ने ली शपथ
Munesh Kumar Shukla Thu, May 7, 2026
बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार हुआ। गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। समारोह ने बिहार की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन और सामाजिक समीकरणों के नए संदेश दिए।
15 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब केवल सीमित मंत्रिमंडल के साथ सरकार बनी थी। अब कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार पूरी ताकत के साथ काम करेगी। इस विस्तार में बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इस शपथ ग्रहण समारोह की सबसे बड़ी चर्चा रही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की औपचारिक राजनीतिक एंट्री। लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार ने जेडीयू कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर खुद नीतीश कुमार ने सहमति दी थी। सॉफ्टवेयर इंजीनियर रह चुके निशांत को शांत और आध्यात्मिक स्वभाव का माना जाता है। उनके मंत्री बनने को जेडीयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी कोटे से कई अनुभवी और जातीय समीकरणों को साधने वाले नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। इनमें विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव, नीतीश मिश्रा और श्रेयसी सिंह जैसे नाम शामिल रहे। वहीं जेडीयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, जमा खां और सुनील कुमार को शामिल किया गया।
एलजेपी (रामविलास) से चिराग पासवान के करीबी नेताओं को मंत्री पद मिला, जबकि हम पार्टी से संतोष सुमन और आरएलएम से दीपक प्रकाश को जगह दी गई। मंत्रिमंडल में सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और मुस्लिम समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने आगामी राजनीतिक रणनीति का भी संकेत दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि 2029 की राजनीति और बिहार में एनडीए की दीर्घकालिक रणनीति का बड़ा संदेश भी है।
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