खाड़ी संकट का असर: : खाद्य तेल और प्लास्टिक सामान की कीमतों में तेज उछाल
Munesh Kumar Shukla Sat, Mar 28, 2026
खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत के बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है, जहां खाद्य तेल और प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थोक व्यापारियों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों के दाम 140 से 300 रुपए प्रति टिन (13–15 किलो) तक बढ़ गए हैं, वहीं डिस्पोजल सामान के दाम भी प्रति बंडल 5 से 10 रुपए तक बढ़कर 15 से 20 रुपए तक पहुंच गए हैं। भारत बड़ी मात्रा में खाद्य तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से होकर आता है, लेकिन मौजूदा हालात के चलते सप्लाई प्रभावित हो रही है और समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग लागत बढ़ गई है, जिससे प्लास्टिक बोतलें और डिस्पोजल उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम ऑयल और सोयाबीन ऑयल की कीमतों में तेजी, आयातित प्लास्टिक ग्रेन्यूल की महंगाई और व्यापारियों द्वारा सीमित स्टॉक रखने जैसी वजहों ने मिलकर बाजार में कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है।
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