: नीतीश कुमार ने रातभर जागकर कैसे पलट दी बाजी।
Tue, Feb 13, 2024
बिहार
बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने फ्लोर टेस्ट जीत लिया। उनके पक्ष में 129 वोट पड़े, जबकि मुख्य विपक्षी दल आरजेडी ने वॉक आउट कर दिया।
हालांकि फ्लोर टेस्ट के कुछ घंटे पहले तक पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने राज्य में बड़े स्तर पर खेला करने की बात की थी।
इतना ही नहीं नीतीश के कई विधायक कल उनकी बैठक से भी नदारद दिखे। सिर्फ नदारद ही नहीं रहे बल्कि उनमें से तीन विधायकों के तो फोन भी स्विच ऑफ थे।
जिसके बाद से चर्चा तेज होने लगी थी कि ये विधायक कल से फ्लोर टेस्ट से पहले तेजस्वी के पाले में जाकर नीतीश को गच्चा देने वाले हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक रात में नीतीश कुमार ने ऐसा क्या कर दिया कि बिहार में खेला नहीं हो पाया और बाजी पलट गई...
रात भर मे कैसे पलट गई बाजी
1. विधायकों की मानी गईं शर्तें
बिहार में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार विधायक हैं और इन विधायकों का बहुमत साबित कराने में अहम रोल था, लेकिन फ्लोर टेस्ट के एक दिन पहले 6 विधायक आउट ऑफ कॉन्टैक्ट हो गए।
उन्होंने राज्य मंत्री श्रवण कुमार के आवास पर पार्टी विधायकों के लिए आयोजित भोज में भी हिस्सा नहीं लिया।
हालांकि इनमें से तीन विधायक उसी दिन लौट आए थे।
वहीं एक विधायक संजीव कुमार को झारखंड से बिहार में प्रवेश करते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
2. नाराज विधायकों से नीतीश ने खुद की बात
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार ने सभी नाराज विधायकों से खुद फोन कॉल पर बात की और उन्हें बिहार विधानसभा में पहुंचने के लिए मनाया।
3. जीतन राम मांझी को मनाने नित्यानंद को भेजा
नीतीश कुमार ने फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले नाराज मांझी को मनाने का काम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय सौंपा था।
आज भी पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बिहार विधानसभा में पहुंचने से पहले नित्यानंद उनके आवास पर करीब आधा घंटा रुके थे।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विश्वास मत की रणनीति पर चर्चा हुई।
इस मुलाकात के दौरान हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चारों विधायक भी वहां मौजूद रहे।
: स्पीकर की कुर्सी जाते ही बिगड़ गया RJD का 'खेल', जानें- फ्लोर टेस्ट में नीतीश ने कैसे बचाई सरकार।
Mon, Feb 12, 2024
बिहार
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है।
नीतीश सरकार के समर्थन में 129 वोट पड़े। जबकि विपक्ष ने वोटिंग से पहले ही वॉकआउट कर दिया था।
लेकिन, विपक्ष ने भी नीतीश कुमार की सरकार को गिराने के लिए लंबा 'खेला' खेला था। हालांकि, एनडीए ने इसे नाकाम कर दिया।
और ये सब हुआ स्पीकर अवध बिहारी चौधरी को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाकर।
हुआ ये कि आरजेडी ने एनडीए के 8 विधायकों को साथ लेकर नीतीश सरकार को गिराने का खेल रचा था। इसमें जेडीयू के पांच और बीजेपी के तीन विधायक थे।
लेकिन इसकी भनक एनडीए को पहले ही लग गई और फिर सरकार बचाने का ऑपरेशन शुरू हुआ।