Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

14th May 2026

BREAKING NEWS

सीबीआई के रडार पर कई संदिग्ध

15 जून से शुरू होंगी जेवर एयरपोर्ट की उड़ानें

विजय सरकार जल्द जारी करेगी 1000 रुपये की मई किस्त

बगावत से कमजोर हुई पलानीस्वामी की पकड़

16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

नेपोटिज्म पर बोले जुनैद खान, कहा- : आमिर खान का बेटा होने का फायदा मिलता है

Munesh Kumar Shukla Thu, May 14, 2026

बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर चल रही बहस के बीच जुनैद खान ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि स्टार किड होने की वजह से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में मौके आसानी से मिल जाते हैं।

हाल ही में रिलीज हुई जुनैद खान की फिल्में ‘लवयापा’ और ‘एक दिन’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। दोनों फिल्मों को दर्शकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन इसके बावजूद जुनैद के पास नए प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। इसी को लेकर उन्होंने माना कि उनका सरनेम कई दरवाजे खोलने में मदद करता है।

एक इंटरव्यू के दौरान जुनैद ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री केवल कला नहीं बल्कि एक बड़ा बिजनेस भी है। निर्माता ऐसे चेहरों को प्राथमिकता देते हैं जिन्हें आसानी से प्रमोट किया जा सके और जिनकी मार्केट वैल्यू हो। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि दो फ्लॉप फिल्मों के बाद भी उन्हें काम मिल रहा है, इसलिए उन्हें काम करते रहने दिया जाए।

जुनैद के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग उनकी ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे बॉलीवुड में फैले भाई-भतीजावाद का उदाहरण बता रहे हैं।

जहां कई स्टार किड नेपोटिज्म शब्द से बचते नजर आते हैं, वहीं जुनैद ने साफ कहा कि उन्हें इस शब्द से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने माना कि अगर वे आमिर खान के बेटे नहीं होते, तो शायद उन्हें इंडस्ट्री में इतनी आसानी से मौके नहीं मिलते।

हालांकि जुनैद का कहना है कि सिर्फ स्टार किड होना सफलता की गारंटी नहीं है। आखिरकार दर्शक उसी कलाकार को पसंद करते हैं जो अपने अभिनय से प्रभाव छोड़ सके। उन्होंने कहा कि कलाकार का चयन उसके किरदार और प्रतिभा के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल परिवार या पहचान की वजह से।

साई पल्लवी के साथ आई फिल्म ‘एक दिन’ से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन फिल्म दर्शकों से जुड़ नहीं पाई। फिल्म की धीमी कहानी और साई पल्लवी की हिंदी को लेकर भी आलोचना हुई। बावजूद इसके जुनैद ने कहा कि उन्हें इस फिल्म में काम करके काफी अच्छा अनुभव मिला और पूरी टीम ने ईमानदारी से मेहनत की थी।

जुनैद ने यह भी बताया कि फिल्म के खराब प्रदर्शन से आमिर खान जरूर निराश हुए, लेकिन वे ज्यादा समय तक असफलता में नहीं उलझते। वे जल्द ही अगले काम की तैयारी में लग जाते हैं और यही सीख जुनैद भी अपने पिता से ले रहे हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें