चुनाव आयोग का बड़ा अभियान : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण
Munesh Kumar Shukla Thu, May 14, 2026
देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से इस अभियान को चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
इस विशेष अभियान के तहत करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाना और पात्र मतदाताओं की सही जानकारी सुनिश्चित करना है।
तीसरे चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा को शामिल किया गया है। आयोग के अनुसार यह कार्यक्रम जनगणना के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग अभियान के साथ समन्वय बनाकर तैयार किया गया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं में तालमेल बना रहे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन क्षेत्रों में बर्फबारी और जनगणना के दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए अलग कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में यह प्रक्रिया मई से सितंबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी। इसमें घर-घर सत्यापन, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना तथा अंतिम मतदाता सूची जारी करना शामिल होगा।
सबसे पहले ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून तक घर-घर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 6 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय और दिल्ली में यह प्रक्रिया जून के अंत से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी।
आयोग के मुताबिक, इस अभियान में करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। उनके साथ विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से हर मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करने की अपील की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सहभागी बन सके।
आयोग ने यह भी बताया कि पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा चुका है, जिसमें लाखों BLO और BLA शामिल हुए थे।
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