Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

6th August 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 07-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 06-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 05-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 04-08-2026

कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की

सुप्रीम कोर्ट : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: गोद लेने वाली सभी माताओं को मिलेगा 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश

Munesh Kumar Shukla Tue, Mar 17, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए गोद लेने वाली माताओं से जुड़े एक कानूनी प्रावधान को असंवैधानिक घोषित कर दिया। यह प्रावधान मातृत्व अवकाश को केवल उन माताओं तक सीमित करता था, जिन्होंने तीन महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लिया हो।

कोर्ट ने साफ कहा कि अब बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, सभी गोद लेने वाली माताओं को गोद लेने की तारीख से 12 हफ्तों का मातृत्व अवकाश मिलेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी माताओं को भी जैविक मां के समान अधिकार मिलना चाहिए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट की पीठ ने कहा कि ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020’ की धारा 60(4) के तहत उम्र के आधार पर किया गया यह प्रावधान भेदभावपूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

अदालत ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि बच्चा परिवार में किस तरह शामिल हुआ है। चाहे बच्चा जन्म से हो या गोद लेकर परिवार का हिस्सा बना हो, मां की भूमिका और जिम्मेदारी समान रहती है।

कोर्ट ने आगे कहा कि प्रजनन की स्वतंत्रता का अधिकार केवल जैविक जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गोद लेकर माता-पिता बनने का विकल्प भी शामिल है, जो संविधान के दायरे में आता है।

इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) लागू करने पर विचार करने की सलाह भी दी। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की देखभाल के मामले में अधिक समान और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।