राजस्थान में 300 तहसीलदार पद खाली : प्रमोशन के बाद भी 5 महीने से नियुक्ति का इंतजार
Munesh Kumar Shukla Fri, May 8, 2026
बाड़मेर: राजस्थान के राजस्व विभाग में तहसीलदार और उप पंजीयक के सैकड़ों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। राज्य में करीब 425 तहसीलें हैं, लेकिन इनमें लगभग 300 पद अब भी रिक्त हैं। स्थिति यह है कि कई जगह नायब तहसीलदारों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है, जबकि कुछ तहसीलों का काम दूसरे क्षेत्रों के तहसीलदार अतिरिक्त चार्ज लेकर चला रहे हैं।
राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में करीब 200 कर्मचारियों को पदोन्नति देकर तहसीलदार बनाया था। इनमें 127 नायब तहसीलदार संवर्ग से और 73 मंत्रालयिक कर्मचारी संवर्ग से पदोन्नत किए गए थे। हालांकि, पदोन्नति मिलने के करीब पांच महीने बाद भी इन अधिकारियों को नियुक्ति नहीं दी गई है। इसके चलते ये अधिकारी तहसीलदार के पद का वेतन तो प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई नई जिम्मेदारी नहीं है।
राजस्व विभाग में तहसीलदार का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। तहसील स्तर पर भूमि विवाद, राजस्व मामलों की सुनवाई, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई प्रशासनिक फैसले तहसीलदार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसके अलावा तहसीलदार कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में भी जिम्मेदारी निभाते हैं और उपखंड अधिकारी, कलेक्टर तथा अन्य राजस्व अधिकारियों के बीच समन्वय की अहम कड़ी होते हैं।
खाली पदों का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हर तहसील में 50 से अधिक पटवार मंडलों और कई भू-अभिलेख क्षेत्रों की निगरानी प्रभावित हो रही है। हर महीने सैकड़ों राजस्व मामलों की सुनवाई लंबित पड़ रही है। वहीं अतिक्रमण और सरकारी जमीनों पर कब्जे जैसे मामलों में भी त्वरित कार्रवाई नहीं हो पा रही। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठा चुके हैं। उन्होंने सरकार से पूछा था कि आखिर इतने महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली क्यों पड़े हैं और इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नियुक्तियों में देरी की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग अब तक अंतिम नियुक्ति सूची को मंजूरी नहीं दे पाया है। यदि राज्य सरकार जल्द आदेश जारी कर दे, तो खाली पदों को तुरंत भरा जा सकता है और आम लोगों को राहत मिल सकती है।
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