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बजट 2026 : रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी विजन का खुलासा

Munesh Kumar Shukla Sun, Feb 1, 2026

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट 2026-27 को लेकर रेल मंत्रालय के प्रमुख लक्ष्यों का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का फोकस सिर्फ़ रेल नेटवर्क के विस्तार पर नहीं है, बल्कि सुरक्षा, तकनीकी आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को नई गति देने पर है।वैष्णव ने बताया कि बजट में रेल मंत्रालय के लिए अलग से आवंटित धनराशि का बड़ा हिस्सा सुरक्षा उपायों, ट्रैक अपग्रेडेशन और डिजिटल signaling सिस्टम के लिए रखा गया है। इसके अलावा, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और हवाई-पोर्ट कनेक्टिविटी के साथ इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।रेल मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत के प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल से जोड़ा जाए और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता बने। इसके लिए टेक्नोलॉजी और आधुनिक प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।”उन्होंने यह भी बताया कि बजट में पूर्वोत्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि लोगों को किफायती और समय पर परिवहन सुविधा मिले।विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट से भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में नई जान आएगी, और नई परियोजनाओं से रोज़गार और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।बजट भाषण के बाद, रेल मंत्रालय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक इन्फोग्राफिक और विज़ुअल रोडमैप भी जारी किया, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से सुरक्षा उपायों, हाई-स्पीड रेल और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए फंड का उपयोग किया जाएगा।अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार की योजना केवल ट्रेनों को तेज़ करना नहीं है, बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है, जिससे जनता को बेहतर अनुभव और निवेशकों को स्थिरता मिल सके।रेल मंत्रालय डिजिटलाइजेशन को भी प्राथमिकता दे रहा है। मंत्री ने बताया कि सिग्नलिंग सिस्टम, कंट्रोल रूम्स और ट्रैक मॉनिटरिंग को स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा। इससे न सिर्फ़ सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ट्रेन संचालन में देरी को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।वैष्णव ने कहा कि हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मोदी सरकार का विजन है कि आने वाले वर्षों में भारत में यूरोप और जापान जैसी आधुनिक रेल सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन और एनर्जी एफिशिएंट ट्रेनों पर विशेष जोर दिया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के इन उपायों से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि रोज़गार, आर्थिक विकास और निवेशकों की रुचि भी बढ़ेगी। रेलवे क्षेत्र में नई परियोजनाओं और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से भारत वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक और सुरक्षित रेल नेटवर्क वाला देश बन सकता है।रेल मंत्री ने अंत में कहा, “हमारा लक्ष्य केवल ट्रेनों को तेज़ करना नहीं है, बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है। इससे यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और निवेशकों को स्थिरता मिलेगी।”रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि नए ट्रेन प्रोजेक्ट्स में स्थानीय निर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा।विद्युतीकरण और ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे रेल संचालन लागत कम होगी।मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए स्टेशन अपग्रेडेशन और स्मार्ट सुविधाओं पर भी निवेश होगा।रेल सुरक्षा बल और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में सुधार करके दुर्घटना रोकने पर जोर दिया जाएगा।

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