लखनऊ : नाले का पानी रोके जाने से लखनऊ की कॉलोनी में जलभराव,मकानों को नुकसान
Mon, Feb 9, 2026
लखनऊ: खरगापुर इलाके में नाला रोकने से खाली प्लाटों में पानी भर रहा है। आस-पास मकानों में सीलन हो गई है, टाइल्स बैठी जा रही हैं। घरों को बचाने के लिए बाहर की ओर दीवारों से सटाकर कंक्रीट का मलबा डाला जा रहा है, जिससे नींव मजबूत रहे। मकान मालिक विरोध कर रहे हैं तो घर गिराने की धमकी मिल रही है। मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ला, नगर आयुक्त गौरव कुमार, पार्षद ममता रावत से कई बार शिकायत हुई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। लोगों की समस्या जानने के लिए दैनिक भास्कर ग्राउंड जीरो पर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने बातचीत के दौरान सुभासपा विधायक बेदी राम पर नाला रोकने का आरोप लगाया। वहीं, विधायक बेदी राम ने आरोपों को सिरे से नकारा है खरगापुर इलाके में भरवारा मल्हौर वार्ड के एमिटी यूनिवर्सिटी से एसटीपी की तरफ जाने वाले रास्ते पर विधायक ने करीब 6 फीट बढ़ाकर नाले की जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया है। इससे नाला संकरा हो गया है। गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे गंदा पानी आस-पास के खाली प्लॉट और कॉलोनियों में भर रहा है। मानसून के समय में समय विकराल हो जाती है। रीना का कहना है कि 20 हजार घरों का पानी इस नाले से आगे जाता है, लेकिन विधायक ने नाले की जमीन पर कब्जा कर पानी रोक दिया है। इसके कारण हमारे घरों में पानी भर रहा है। नगर निगम की गाड़ी कार्रवाई करने आई फिर भी विधायक ने कार्रवाई नहीं करने दी। रंजू ने कहा- पानी और नाले की समस्या है। बाथरूम और घर की टाइल्स बैठ रही हैं। बारिश होने पर घरों में पानी भर रहा है। नाले का पानी घरों में जा रहा है। हम लोग बीमार पड़ रहे हैं। विभा सिंह ने कहा- समस्या यह है कि पानी का निकास नहीं हो रही है। हम लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। आगे नाला रुका है। मेयर से लेकर विधायक तक आश्वासन दे चुके हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। राम विजय ने कहा- पिछले एक साल से नाला बंद है। कॉलोनी के प्लाट और घरों में पानी भर रहा है। डेढ़ साल से सो नहीं पा रहे। कोई बांधता है। कोई खोलता है। आस पास के लोगों में झगड़ा हो रहा है। हर सप्ताह मेयर और नगर निगम के अधिकारियों से मिल रहे हैं। धमकी मिल रही है कि पूरी कॉलोनी अवैध है, घर गिरवा देंगे। डेढ़ साल पहले तक नाली सीधी जाती थी। एसटीपी से होते हुए नदी में चली जाती थी। दो हजार से अधिक घरों का पानी आ रहा है। इससे घरों में सीवर का पानी जा रहा है। मेयर और तत्कालीन नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ है।
लखनऊ : UGC के समर्थन में सुहेलदेव आर्मी का हंगामा
Sat, Feb 7, 2026
लखनऊ में सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए यूजीसी को जल्द लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। सुहेलदेव आर्मी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने बताया- हमने अपने कार्यकर्ताओ के साथ विधानसभा के बाहर एकत्र हुए और यूजीसी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना था कि यूजीसी को तुरंत लागू किया जाए ताकि उच्च शिक्षा में समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ने और प्रदर्शन के उग्र होने की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की। पुलिस ने हालात बिगड़ने से पहले कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस वैन के जरिए ईको गार्डन भेज दिया गया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ : नगर निगम में मुर्दाबाद के नारे लगे
Sat, Feb 7, 2026
लखनऊ नगर निगम में 6 फरवरी को, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया है। इस मौके पर सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के साथ मुख्यालय पहुंचे, ताकि उनके मुद्दों को सीधे अधिकारियों के सामने रखा जा सके। इस अवसर पर मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान निकालने का प्रयास किया।इस दौरान कई लोग विभिन्न प्रकार की शिकायतें लेकर आए। सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक अवध विहार कॉलोनी की समस्या रही। इस कॉलोनी के लोगों ने नगर निगम के खिलाफ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई और ‘नगर निगम मुर्दाबाद’ तथा ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि कॉलोनी में लगातार पानी भरा हुआ है और नगर निगम उनकी शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याएं लेकर भी कई फरियादी पहुंचे। कुछ लोग अपनी दुकानों के किराये से संबंधित परेशानियों का समाधान चाहते थे। इसके अलावा, हाउस टैक्स से जुड़ी शिकायत लेकर भी एक फरियादी आया। इस फरियादी ने बताया कि वह पहले स्वयं नगर निगम में टैक्स अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी की मृत्यु को लगभग 25 साल बीत चुके हैं, फिर भी नगर निगम अब भी उनके नाम हाउस टैक्स भेज रहा है। यह स्थिति न केवल उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि नगर निगम की प्रणाली पर सवाल भी खड़े कर रही है।इस पूरे आयोजन में देखा गया कि लोगों की शिकायतें कई प्रकार की थीं, जिनमें बुनियादी समस्याएं जैसे सड़क निर्माण, जल निकासी और पानी भरना शामिल थीं, साथ ही प्रशासनिक और वित्तीय परेशानियां भी शामिल थीं, जैसे दुकान किराया और हाउस टैक्स की गलतियां। इस तरह के समाधान दिवस का उद्देश्य यही होता है कि नागरिक सीधे अपने मुद्दे अधिकारियों के सामने रख सकें और उन्हें शीघ्र और प्रभावी समाधान मिल सके।नगर निगम और अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और कई मामलों में मौके पर समाधान की कोशिश भी की। वहीं, कुछ मामलों के लिए विस्तृत जांच और औपचारिक प्रक्रिया की आवश्यकता बताई गई, जिनके निपटारे में समय लग सकता है।इस संपूर्ण समाधान दिवस से यह स्पष्ट होता है कि नगर निगम लगातार नागरिकों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने की दिशा में प्रयासरत है, और ऐसे आयोजन नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का एक अहम माध्यम हैं।