Manipur : अब Yumnam Khemchand Singh होंगे नए मुख्यमंत्री
Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 3, 2026
मणिपुर में कुकी-ज़ो और मैतेई समुदायों के बीच लंबे समय तक चले जातीय तनाव और रुक-रुक कर हुई हिंसा की घटनाओं के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। हालात लगातार बिगड़ते जाने के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया।
इस बीच, केंद्र सरकार ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा की जांच कर रहे आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र तैयार करे, लेकिन किसी भी स्थिति में 20 मई 2026 से पहले इसे प्रस्तुत किया जाए। इस आयोग का गठन 3 मई 2023 को भड़की हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए किया गया था। आयोग को हिंसा के कारणों की पड़ताल करने, घटनाक्रम का विश्लेषण करने और उस दौरान प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका और प्रतिक्रिया का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता हैं और सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के मणिपुर विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 से 2022 तक वे मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के पद पर भी कार्यरत रहे।2022 में उन्हें दूसरे एन. बीरेन सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इस दौरान उनके पास नगर प्रशासन और आवास विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। उन्होंने फरवरी 2025 तक मंत्री पद संभाला, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के साथ ही मंत्रिमंडल का कार्यकाल समाप्त हो गया।
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