Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

19th April 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 19-04-2026

विजय का बड़ा दांव, TVK घोषणापत्र में महिलाओं-युवाओं पर फोकस

DMK-कांग्रेस पर ‘छोटी राजनीति’ का आरोप

नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार

64 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

ईरान की सख्ती : जहाजों पर फायरिंग और वैश्विक तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा

Munesh Kumar Shukla Sat, Apr 18, 2026

मिडिल ईस्ट के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव तेज हो गया है। ब्रिटिश सेना ने शनिवार को पुष्टि की कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की दो गनबोट्स ने यहां से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलीबारी की। हालांकि यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार जहाज और उसमें सवार चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहाज की पहचान और गंतव्य का खुलासा नहीं किया गया है।

इस घटना से पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त नियंत्रण और प्रतिबंध दोबारा लागू करने की घोषणा की थी। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरानी शिपिंग और बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है। बीते करीब सात हफ्तों से जारी तनाव के दौरान ईरान ने अधिकांश जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और केवल अधिकृत जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने स्पष्ट किया है कि इस अहम जलमार्ग पर अब कड़ी सैन्य निगरानी रखी जा रही है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जब तक अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहेंगे, तब तक जहाजों की आवाजाही भी सीमित रहेगी। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब व्यवस्था पहले की तरह हो रही है, जहां जहाजों को ईरानी नौसेना की अनुमति और टोल के बाद ही गुजरने दिया जाएगा।

इस बीच अब्बास अरागची ने हाल ही में दावा किया था कि जलडमरूमध्य खुला रहेगा। उनका बयान उस समय आया जब लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा हुई थी।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहेंगे। शुरुआत में उन्होंने नाकेबंदी हटाने के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में अपने रुख को कड़ा कर लिया।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है। डेटा फर्म Kpler के मुताबिक, फिलहाल जहाजों की आवाजाही उन्हीं रास्तों तक सीमित है जिन्हें ईरान ने मंजूरी दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, बीते कुछ दिनों में 21 जहाजों को वापस ईरान की ओर भेजा गया है।

लगातार बढ़ते तनाव और बदलते हालात ने इस क्षेत्र में अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है, जिसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें