टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : भारतीय निर्यातकों को $12 बिलियन तक राहत की उम्मीद
Munesh Kumar Shukla Tue, Apr 21, 2026
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले में ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए कई आयात टैरिफ को असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब बड़े स्तर पर टैरिफ रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे भारतीय उद्योगों को भी राहत मिलने की संभावना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत से जुड़े निर्यात पर करीब 10 से 12 बिलियन डॉलर तक की राशि वापस मिलने का अनुमान है। यह रकम खासतौर पर उन आयातकों को मिलेगी जिन्होंने उस अवधि में अतिरिक्त शुल्क चुकाया था।
ये टैरिफ पिछले साल इमरजेंसी नियमों के तहत लगाए गए थे, जिनका असर भारतीय उत्पादों पर भी पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन्हें खारिज किए जाने के बाद अब रिफंड का रास्ता साफ हो गया है।
सबसे ज्यादा फायदा टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स और केमिकल्स सेक्टर को होने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक टेक्सटाइल और अपैरल में लगभग 4 बिलियन डॉलर, इंजीनियरिंग गुड्स में 4 बिलियन डॉलर और केमिकल्स में करीब 2 बिलियन डॉलर तक रिफंड मिल सकता है।
हालांकि, यह रकम सीधे भारतीय कंपनियों को नहीं मिलेगी। अमेरिकी नियमों के अनुसार, केवल वही आयातक या कस्टम ब्रोकर दावा कर सकते हैं जिन्होंने टैरिफ का भुगतान किया था। ऐसे में भारतीय निर्यातकों को अपने अमेरिकी साझेदारों के साथ समन्वय करना होगा।
रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अमेरिकी कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन ने CAPE नाम का ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिससे दावे तेजी से दाखिल किए जा सकेंगे।
यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। यदि वे अपने अमेरिकी खरीदारों के साथ प्रभावी बातचीत करते हैं, तो उन्हें इस रिफंड का लाभ मिल सकता है, जिससे लागत घटेगी, मुनाफा बढ़ेगा और भविष्य के ऑर्डर मजबूत होंगे।
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