तेल संकट : तेल संकट के बीच ट्रम्प का बड़ा कदम: ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की राहत
Munesh Kumar Shukla Sat, Mar 21, 2026
अमेरिका ने वैश्विक तेल संकट को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। ट्रम्प प्रशासन ने ईरानी तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिन की सीमित छूट देने का ऐलान किया है। यह छूट केवल उन ईरानी तेल टैंकरों पर लागू होगी, जो पहले से समुद्र में मौजूद हैं। अमेरिकी ट्रेजरी मिनिस्टर स्कॉट बेसेंट ने इस फैसले की जानकारी दी। ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।
इस फैसले के पीछे मुख्य मकसद ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ाना और बढ़ती कीमतों को काबू में रखना है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव और जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जो जंग शुरू होने से पहले करीब 70 डॉलर के आसपास थीं।
स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, इस अस्थायी राहत से वैश्विक बाजार में करीब 14 करोड़ बैरल तेल तेजी से उपलब्ध हो सकेगा। इससे ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ेगी और बाजार में बने दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
इसी के साथ ट्रम्प प्रशासन ने एक नया ‘जनरल लाइसेंस’ भी जारी किया है, जिसके तहत उन रूसी टैंकरों से तेल बेचने की अनुमति दी गई है, जो 12 मार्च तक लोड हो चुके थे। यह छूट 11 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। नया लाइसेंस पहले जारी 30 दिन के सेंक्शन वेवर की जगह लेगा, जिसमें कुछ तकनीकी अस्पष्टताएं थीं।
हालांकि, इस छूट से उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया को बाहर रखा गया है।
वहीं, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ नजर आ रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिलहाल 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जबकि हाल ही में यह 120 डॉलर तक पहुंच गई थीं।
तेल की कीमतों में उछाल की एक बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रभावित होना भी है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह अहम समुद्री मार्ग फिलहाल असुरक्षित माना जा रहा है। जंग के खतरे के चलते कई तेल टैंकर इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है और कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
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