“क्या बड़ा आर्थिक संकट आने वाला है?” — : PM मोदी की राष्ट्रव्यापी अपील से बढ़ी चिंता
Munesh Kumar Shukla Mon, May 11, 2026
मध्य-पूर्व युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच नरेंद्र मोदी की राष्ट्रव्यापी अपील ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री ने लोगों से वर्क-फ्रॉम-होम को दोबारा अपनाने, ईंधन की खपत कम करने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की। उनकी इस अपील को कई लोग आने वाले बड़े आर्थिक संकट की चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो भारत का आयात बिल बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, रुपये की कीमत और आम लोगों के खर्च पर पड़ेगा। सरकार फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी से बच रही है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना मुश्किल हो सकता है।
वर्क-फ्रॉम-होम की अपील ने लोगों को कोरोना महामारी के दौर की याद दिला दी। कई कंपनियों ने पहले ही कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड मॉडल पर विचार शुरू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और आयात दबाव कम किया जा सकेगा।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर हालात इतने गंभीर हैं, तो सरकार को स्पष्ट आर्थिक रोडमैप सामने रखना चाहिए। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बताया है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, भारत फिलहाल संकट की स्थिति में नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं। अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष और बढ़ता है, तो तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सरकार पहले से जनता को तैयार करने की कोशिश कर रही है।
यह अपील केवल बचत की सलाह नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच भारत की रणनीतिक तैयारी का संकेत भी मानी जा रही है।
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