गंगा एक्सप्रेसवे : औद्योगिक विकास को रफ्तार,छह जिलों में भूखंड आवंटन तेज
Munesh Kumar Shukla Mon, Apr 27, 2026
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले इसके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। छह जिलों—मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई और शाहजहांपुर—में भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बदायूं में 5200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि आवंटित की जा रही है, जहां 50 से अधिक कारखाने स्थापित करने की योजना है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक 15 उद्यमियों ने निवेश में रुचि दिखाई है और भूमि आवंटन प्रक्रिया में शामिल होना शुरू कर दिया है। उद्घाटन की तारीख घोषित होने के बाद निवेशकों की संख्या में तेजी आई है। पहले यह संख्या केवल सात थी, जो अब बढ़कर 15 हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि देश की बड़ी कंपनियां भी इस परियोजना से जुड़ेंगी।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक, वाणिज्यिक और लॉजिस्टिक केंद्र (आईएमएलसी) विकसित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। कुल 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं, उन्नाव, अमरोहा, शाहजहांपुर, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—में इन केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा, जिससे कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। इन औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश से 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर निवेशकों के नामों की घोषणा भी हो सकती है। बदायूं जिले में उद्घाटन समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। बरेली मार्ग पर बिनावर के पास पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है और प्रशासन लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।
जिलाधिकारी अवनीश राय के अनुसार, औद्योगिक विकास के साथ-साथ उद्घाटन समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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