UP : मायावती ने दी चेतावनी-विधानसभा चुनाव नजदीक, पार्टी को ताकतवर बनाए रखने का संदेश
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 7, 2026
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखाई दे रही हैं। पार्टी की तैयारी और चुनावी रणनीति को लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया है। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी बैठक की, जिसमें उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक का उद्देश्य केवल चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना ही नहीं था, बल्कि पार्टी के संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और विपक्षी दलों की चालों से सतर्क रहने पर जोर देना भी था।मायावती ने बैठक के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय बहुत कम बचा है, ऐसे में हर सदस्य को पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं, इसलिए हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी ऐसी चालों से सतर्क रहें और अपना ध्यान संगठन और जनाधार बढ़ाने पर केंद्रित रखें। बैठक में प्रदेश मंडल अध्यक्ष, 403 विधानसभा सीटों के प्रभारी और भाईचारा समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। संगठन विस्तार, जनाधार बढ़ाने और पूरे साल की गतिविधियों की समीक्षा इस बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल थी।मायावती ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए हर सदस्य को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और पार्टी की उपलब्धियों को उनके सामने रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की गतिविधियों को और तेज करना होगा और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए रणनीति के तहत काम करना होगा। इसके बिना चुनाव में सफलता हासिल करना मुश्किल है। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को यह संदेश भी दिया कि संगठन में कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुधारना होगा और हर स्तर पर सक्रिय नेतृत्व बनाए रखना होगा।मायावती ने कहा कि हर विधानसभा सीट पर काम करना अनिवार्य है। प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर सक्रिय रहकर जनता से संपर्क बढ़ाना होगा। हर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी संभाल रहे बसपा नेता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों तक पार्टी की योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता से सीधे संपर्क बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पार्टी के पिछले कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंच सके। यह कार्य केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करने और पार्टी को समाज में व्यापक रूप से स्थापित करने के लिए भी आवश्यक है।मायावती ने विपक्षी दलों की साजिशों की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं को इन कोशिशों को समझना होगा और हर तरह के षड्यंत्र से सतर्क रहना होगा। पार्टी की मजबूती के लिए जरूरी है कि सभी सदस्य मिलकर विरोधी दलों की चालों का सामना करें और जनता को भ्रमित न होने दें। इसके लिए सभी को संगठन और जनाधार को मजबूत बनाने में जुट जाना चाहिए। मायावती ने धर्म और जाति की राजनीति पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि धर्म और जाति की राजनीति से समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय की उपेक्षा की बात उठाई और कहा कि विरोधी दल ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर समाज में जहर घोल रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इससे समाज में मेल-जोल और भाईचारे को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि समाज में फैलाई जा रही नफरत के खिलाफ सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।साथ ही, मायावती ने संसद में जारी गतिरोध पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि सत्ता और विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। संसद को चलाने के लिए जो कानून और नियम बनाए गए हैं, उन पर गंभीरता से अमल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ, महंगाई और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है, और इन पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक ड्रामा किया जा रहा है।
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