भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार : भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर सियासी घमासान,कांग्रेस का पीएम मोदी पर तीखा हमला
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 21, 2026
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह समझौता देशहितों से समझौता है और प्रधानमंत्री की “छवि बचाने” की जल्दबाजी के कारण भारत को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि दो फरवरी 2026 की रात भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा ट्रंप की शुल्क नीति को खारिज किए जाने के बाद भी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके “अच्छे मित्र” हैं और व्यापार समझौता जारी रहेगा।रमेश ने दावा किया कि 10 मई 2025 को ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रुकवाया था। उन्होंने यह भी कहा कि दो फरवरी को ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप ले चुका है और यह प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर हुआ। कांग्रेस नेता ने प्रश्न उठाया कि लोकसभा में उस दिन ऐसा क्या हुआ, जिससे प्रधानमंत्री को तत्काल ‘व्हाइट हाउस’ से संपर्क करना पड़ा।उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रधानमंत्री ने कुछ दिन और प्रतीक्षा की होती तो भारतीय किसान इस संकट से बच सकते थे और देश की संप्रभुता भी सुरक्षित रहती। उनके अनुसार यह समझौता प्रधानमंत्री की “व्यग्रता और आत्मसमर्पण” का परिणाम है।उधर, अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक शुल्क को खारिज करते हुए कहा कि संविधान के अनुसार कर लगाने की शक्ति अमेरिकी कांग्रेस के पास है। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस फैसले का भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समझौता जारी रहेगा और इसे “एक अलग तरीके से” लागू किया जाएगा।इस बीच, अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को हटाने का कार्यकारी आदेश भी जारी किया है। ट्रंप ने कहा कि भारत ने रूसी ऊर्जा आयात बंद करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
विज्ञापन