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जोनाथन ट्रॉट : अफगानिस्तान टीम को अलविदा कहते हुए भावुक हुए कोच जोनाथन ट्रॉट

Munesh Kumar Shukla Fri, Feb 20, 2026

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रहे जोनाथन ट्रॉट ने चार साल के कार्यकाल के बाद अपने पद को अलविदा कह दिया। टीम के साथ बिताए समय और उपलब्धियों को याद करते हुए वह भावुक नजर आए। ट्रॉट को जुलाई 2022 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह पद पहले उनके पूर्व इंग्लैंड साथी ग्राहम थॉर्प को प्रस्तावित किया गया था, लेकिन उनके असमर्थ होने के बाद ट्रॉट को यह अवसर मिला।अफगानिस्तान ने सुपर आठ चरण की दौड़ से बाहर होने के बाद अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में कनाडा को 82 रन से हराकर अभियान का समापन किया। मैच के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रॉट ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।उनके नेतृत्व में अफगानिस्तान ने 2023 विश्व कप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके बाद 2024 टी20 विश्व कप में टीम सेमीफाइनल तक पहुंची, जो अफगान क्रिकेट के इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।मैच के बाद ट्रॉट ने कहा, “शायद यह समय सही है, शायद नहीं। मुझे नहीं पता, लेकिन मैं भविष्य के लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं इस अवसर के लिए बहुत आभारी हूं। यह मौका मुझे वास्तव में सौभाग्य से मिला। ग्राहम थॉर्प को यह भूमिका मिलनी थी, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं कर सके। फिर यह प्रस्ताव मुझे दिया गया और मैंने पूरे जोश के साथ इसे स्वीकार किया।”दक्षिण अफ्रीका में जन्मे ट्रॉट ने कहा कि उन्होंने अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश की। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी उनके खेल के प्रति प्रेम और समर्पण को समझ पाए होंगे।ट्रॉट के अनुसार, उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी संतुष्टि खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास को देखना रहा। उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह रही कि मैंने खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी विकसित होते देखा। उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। खेल सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ियों और उनके परिवारों की किस्मत और दिशा बदल सकता है। इस प्रक्रिया का छोटा सा हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहा।”ट्रॉट के विदाई संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट के साथ बिताए समय को केवल पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा के रूप में जिया।

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